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आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी ने की हरिनारायण राय से पूछताछ

आय से अधिक संपत्ति अजिर्त करने के आरोपी राज्य के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय से मंगलवार को दूसरे दिन भी निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। श्री राय सोमवार से दो दिन के रिमांड पर हैं। पूछताछ करनेवालों में निगरानी आइजी एमवी राव, डीआइजी विनय कुमार पांडेय, एसपी उमेश कुमार सिंह और कांड के अनुसंधानक भोलानाथ सरकार शामिल थे।

निगरानी के अधिकारियों ने राय से पूछा कि एक दिन में उन्हें  20 लाख रुपया किसने दिया? क्या यह अवैध कमाई थी या फिर किसी रिश्तेदार का पैसा था? इसका जवाब पूर्व मंत्री नहीं दे पाए। उन्होंने कहा- हमें याद नहीं कि पैसा किसने दिया। अनुसंधान के क्रम में पहले ही आ गया था कि चेक से उनके एकाउंट में पैसा जमा किया गया था। इसके अलावा श्री राय से जब पूछा गया कि मंत्री रहते हुए किस कंपनी को गलत ढंग से ठेका दिलवाने के लिए उन्होंने पैरवी की है, इस पर भी उनका जवाब ना में था।

पत्नी और रिश्तेदारों के नाम जो ठेका कंपनी है, उसे लाभ पहुंचाया या नहीं, इस पर भी वे संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। अपनी पूरी आमदनी को पत्नी, मामा, भाई और भतीजा का बताया। करीब चार घंटे तक श्री राय से पूछताछ हुई। इस दौरान वे कई बार बाथरूम भी गए। निगरानी के अधिकारियों के समक्ष रांची में घर होने की बात स्वीकारी है, लेकिन इसके लिए बैंक से 65 लाख रुपये लोन की बात भी उन्होंने कही। पत्नी के पास कितनी संपत्ति है, इसकी जानकारी श्री राय को नहीं है।

निगरानी के अधिकारियों का मानना है कि राय के विधायक बनने से एफआइआर दर्ज होने तक 29 लाख रुपये वेतन और यात्र मद में मिले हैं, जबकि इनके पास दो करोड़ से अधिक की संपत्ति है, जो आय से अधिक संपत्ति में चाजर्शीट के लिए पर्याप्त है। पूछताछ के बाद श्री राय को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया।

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  • Web Title:किसने दिये 20 लाख, जवाब नहीं दे पाए पूर्व मंत्री