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24 जनवरी, 2020|7:53|IST

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आठ साल से बंद नक्सली को फरार दिखा घोषित किया इनाम

आठ साल से जेल में निरुद्ध हार्डकोर नक्सली जितेन्द्र उर्फ रामदास को फरार दर्शा कर उसके सिर पर पचास हजार का इनाम घोषित कर दिया, गया। नक्सली ने जब इसकी असलियत के बारे में डीजीपी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा, तो पुलिस ने चुप्पी साध ली। तत्कालीन डीआईजी चंद्रदेव त्रिपाठी का कहना था कि, किसी भी अपराधी पर 25 हजार से ऊपर का इनाम शासन से प्रमुख सचिव (गृह) के स्तर से घोषित किया जाता है।

बीते नौ मार्च 01 को अहरौरा थाना क्षेत्र के खोराडीह में पीएसी की अस्थायी पोस्ट पर शाम के समय नक्सलियों ने हमला बोल दिया था और कैम्प में मौजूद पीएसी के आधा दजर्न जवानों को घायल करके वहां से चौदह एसएलआर और एक लाइट मशीनगन लूट ले गये थे। जाते समय वे पीएसी की कुछ वर्दी भी ले गये और कैम्प में आग लगा गये थे।

इस केस में मूलरूप से सोनभद्र जनपद के दुद्धी थाना के गुलाल छटिया निवासी रामदास उर्फ अविनाश उर्फ जितेन्द्र को पुलिस ने चार मई 02 को मुकदमा अपराध संख्या 377/01 धारा 395, 397, 7 क्रिमिनल ला अमेन्डमेन्ट एक्ट में पकड़ा था। यह नक्सली तभी से जिला कारागार में बंद है। सोनभद्र के चोपन थाना की पुलिस मुकदमा संख्या 180/02 धारा 3 (2) पोटा एक्ट लगाया था।

पुलिस के रिकार्ड में इस हार्डकोर नक्सली पर सोनभद्र के माची थाना में धारा 143, 427 व 147, 148, 149, 307, 153 ए, 124 ए, 7 क्रिमिनल ला एक्ट थाना राबर्ट्सगंज में दो मुकदमे धारा 364, 302, 201 आईपीसी इसी थाने में 4/5 3 (1) यू.जी. गुण्डा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसी तरह सोनभद्र के दुद्धी थाना में धारा 147, 148, 149, 307 व 7 क्रिमिनल ला एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

बीते मार्च महीने में पुलिस की तरफ से इनामी नक्सलियों से संबंधित फोटोयुक्त एक पैम्पलेट प्रकाशित कर उसको सार्वजनिक किया गया था। इसमें नक्सली कमलेश चौधरी, लालव्रत कोल, उसकी बहन ललिता उर्फ पुष्पा उर्फ जयललिता, रामवृक्ष कोल राम, सजीवन कुशवाहा उर्फ गुरुजी, मुन्ना विश्वकर्मा के साथ ही जिला जेल में निरुद्ध रामदास उर्फ जितेन्द्र उर्फ अविनाश का नाम था।

जेल में बंद चल रहे नक्सली राम दास को जब अपने उपर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी हुई तो उसने इस संबंध में सोनभद्र के जिलाधिकारी, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रीय मानवाधिकार और प्रदेश की मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपनी असलियत बतायी। इस संबंध में डीआईजी चंद्रदेव त्रिपाठी ने बताया कि, प्रमुख सचिव (गृह) के स्तर से अपराधियों पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया जाता है। यह कार्रवाई शासन स्तर से की गयी है।

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