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लेक्चरर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, कॉलेज हुए सूने

वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर गवर्नमेंट कॉलेज लेक्चरर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। लेक्चरर ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।

हड़ताल की वजह से पढ़ाई ठप रही। छिटपुट स्टूडेंट्स कॉलेज आए। जिन्हें लौटा दिया गया। हड़ताल के दौरान गेस्ट लेक्चरर भी क्लास नहीं लेंगे। सुबह नौ बजे गवर्नमेंट कॉलेजों में लेक्चरर मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

लेक्चरर एसोसिशन के जिलाध्यक्ष एस पी फोगाट ने बताया कि भारी मन हड़ताल का फैसला लिया गया है। सरकार कॉलेज लेक्चर्स के साथ अन्याय कर रही है। सरकार तक बात पहुंचाने के लिए हड़ताल के अलावा कोई चारा नहीं।

उन्होंने बताया कि हर दस साल में ग्रेड बदलता है। इसका निर्धारण यूजीसी करती है। इस पर राज्य सरकार मुहर लगाती है। कई सरकारों ने ऐसा किया है। पहली बार कांग्रेस की सरकार ग्रेड को मर्ज कर नोटिफिकेशन निकाली है। इसका विरोध करेंगे। 12 हजार ग्रेड वाले लेक्चरर सेलेक्शन ग्रेड कम रीडर को 15 हजार 6 सौ बेसिक और सात हजार का ग्रेड राज्य सरकार दे रही है।

यूजीसी इस ग्रेड पर काम करने वालों को 35 हजार चार सौ से 67 हजार बेसिक और नौ हजार ग्रेड दे रही है। डॉ. नरेन्द्र कुमार बताते हैं कि कॉलेजों में तीन ग्रेड पर लेक्चरर, सीनियर लेक्चरर और लेक्चरर सेलेक्शन ग्रेड कम रीडर काम कर रहे हैं। लेक्चरर सेलेक्शन ग्रेड को पिछले कैटेगरी में रखा गया है। वेतन की यह विसंगति दूर होनी चाहिए। 27 अगस्त को रोहतक में बड़ी रैली का आयोजन कर लेक्चरर मुख्यमंत्री के सामने पक्ष रखेंगे।

 

 

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