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परियोजनाओं के विरोध में कई संगठनों का प्रदर्शन

जनपद में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के विरोध और जल, जंगल व जमीन की रक्षा के लिए भारत की मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी सहित कई सहयोगी संगठनों ने जिला मुख्यालय पर जुलूस प्रदर्शन कर सरकार के विरूद्ध नारेबाजी की। आक्रोशित लोगों का कहना है कि सरकार पहाड़ के जल, जंगल व जमीन को परियोजनाओं के माध्यम से तबाह करने पर आमादा है। जबकि ग्रामीणों के हक-हकूकों पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है।

मंगलवार को भाकपा, अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय जनवादी महिला समिति एवं एसएफआई के सैकड़ों महिला एवं पुरूषों ने मुख्यालय में प्रदर्शन किया। बाबा काली कमली से शुरू हुआ जुलूस मुख्य बाजार होते हुए हनुमान चौक में सभा में तब्दील हुआ। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव मंडल के सदस्य गंगाधर नौटियाल ने कहा कि प्रदेश में बैठी भाजपा सरकार पर्वतीय क्षेत्र के जल, जंगल एवं जमीन को पूंजीपतियों के हाथों बेच रही है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण परियोजनाओं के विरोध में अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सुशीला भंडारी ने कहा कि जनता द्वारा चुने जनप्रतिनिधि निजी कंपनियों द्वारा खरीदे जा रहे है। किसान सभा के जिला मंत्री राजाराम सेमवाल ने कहा कि जिले में बन रही परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन होने से लोगों में दहशत का माहौल है। जिला काउंसिल के सदस्य गजपाल सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड में बनने वाली परियोजनाएं किसी भी दशा में यहां के लिए लाभकारी नहीं हो सकती है।

इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुखिया को ज्ञापन प्रेषित किया। जिसमें परियोजनाओं के निर्माण को शीघ्र बंद किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर किसान सभा के जिलामंत्री महेन्द्र कुमार, एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेन्द्र गोस्वामी, सतेश्वर उनियाल, देवश्वरी देवी, जनवादी महिला समिति की जिला मंत्री उमा नौटियाल, नरेन्द्र रावत, कमला राणा, ललिता देवी, सरला गोस्वामी, पंचमी देवी, शोभा गोस्वामी, दौलत सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

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