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फोन, ई-मेल सब पर होगी नजर!

फोन, ई-मेल सब पर होगी नजर!

केन्द्र सरकार अब मोबाइल, लैंडलाइन फोन और इंटरनेट के जरिए होने संवाद पर नजर रखेगी। यह कदम आतंकी खतरे के मद्देनजर उठाया जा रहा है। दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संगठन सेंटर फार डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) इस परियोजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के तहत सरकार देश और विदेश से होने वाले दूरसंचार पर नजर रखी जाएगी।

सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक पी वी आचार्य ने बताया कि देश की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ विशेष संदेशों और बातचीत पर नजर रखी जाएगी। हमारी टेक्नोलाजी फोन व इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाने वाली कंपनी को इंटरफेस मुहैया कराएगी, जिससे जरिए वे अपने नेटवर्क भेजे जाने वाले संदेशों पर निगाह रख सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था में कंपनियाँ अपने स्तर पर कॉल्स की निगरानी करती हैं और प्रवर्तन एजेंसियों का निर्देश मिलने पर कॉल टैप की जाती है।

आचार्य ने बताया कि सरकार के पास सिग्नलों पर काम करने वाली खुफिया एजेंसी है, जिसका संचालन सेना, नौसेना और वायुसेना करती है। यह एजेंसी अन्य देशों के सैन्य संदेशों (वायरलेस) पर निगाह रखती है। लेकिन अभी तक सरकार के पास मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट पर वायस काल्स की निगरानी का कोई केंद्रीय तंत्र नहीं है। यह व्यवस्था कैसे काम करेगी यह आपरेटरों और सरकार के बीच होने वाले करार पर निर्भर करता है। पहले चरण में परियोजना पर 400 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह अगले साल पूरा जाएगा।

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