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बिना तार के ही देते हैं सात घंटे बिजली !

सर, आप सात घंटे बिजली पहुंचाने का दावा करते हैं। लेकिन हमारे यहां पोल पर तार तक नहीं है। तार का इंतजाम कराइए। किसान परेशान हैं डीजल खरीद-खरीद कर। जहानाबाद स्थित काको प्रखंड के किसान दिनेश शर्मा सोमवार को जनता दरबार में ऊर्जा मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह को सूखाग्रस्त इलाकों में बिजली आपूर्ति के दावे का सच बता रहे थे तो उनसे कुछ ही दूरी पर खड़े सोनबरसा के मिथिलेश भी खाद्य मंत्री नरेन्द्र सिंह के आगे गिड़गिड़ा रहे थे, ‘हुजूर! हमारे यहां बेलागंज में राशन दुकानदार का आतंक है। उसने गरीबों का कूपन छीन लिया है। पिछले साल तो तीन बार अनाज मिला भी था, इस साल तो वह भी नहीं मिला है। आप कुछ कीजिए।’

जनता दरबार में लगभग पांच घंटे तक दिनेश और मिथिलेश जैसों का ही तांता लगा रहा। चाहे बिजली का मामला हो या अनाज का। लोगों की भीड़ से यह तो साफ हो गया कि दावे के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फरियादियों की अर्जी लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मुस्तैद थे। विषय देखकर मुख्यमंत्री शिकायतकर्ता को संबंधित मंत्री और सचिव के पास भेजे देते। जहां से समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन लेकर लोग अपने-अपने ठिकानों को लौट रहे थे।

मसौढ़ी के अनिल कुमार सिंह और रामेश्वर प्रसाद ने सिंचाई के लिए बिजली की मांग की। उनका कहना था कि भगवानगंज, नदौना, रेवतिया और नदौल में ट्रांसफार्मर नहीं है। सरकार घोषणा करती है लेकिन पटवन के लिए बिजली नहीं मिलती। पालीगंज से आए रामचन्द्र राम ने बताया कि उसे पीला कार्ड और कूपन तो  मिला है लेकिन राशन दुकान से अनाज नहीं मिलता।

कैमूर के सोहरन गांव से आए ठाकुर राय ने अपने यहां के राशन दुकानदार पर अनाज की अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाया। मोतिहारी के हिमाचल सहनी ने गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग की। सुगौली की बन्द चीनी मिल पर किसानों के 8.84 करोड़ रुपये बकाया है।

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