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सेहत है तो सब कुछ है

सेहत है तो सब कुछ है

अच्छी सेहत बेहतर जीवन, भविष्य तथा सफलता की कुंजी है और बदले में यह केवल कुछ ही देर का नियमित व्यायाम, संतुलित खान पान और सकारात्मक सोच मांगती है। विशेषत्रों का सुझाव है कि जानीमानी हस्तियां अगर सेहत के बारे में लोगों से अपील करें तो इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा।

वरिष्ठ चिकित्सक अनूप मिश्रा का कहना है हमारे देश की आबादी अधिक है। यहां मरीजों की संख्या भी अधिक है। चाहे मरीज दिल की बीमारी के हों, या मधुमेह के या अन्य किसी भी बीमारी के हों। आंकड़े तो चौंकाने वाले हैं लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि बीमारी की शुरूआत से पहले ही क्यों न सावधानी बरती जाए।

उन्होंने कहा सुबह नियमित सैर से हमें ताजी हवा मिलती है। सैर एक ऐसा व्यायाम है जो कई बीमारियों से बचाव करने में मददगार है। गठिया, हदय रोग, मधुमेह, मांसपेशियों में खिंचाव तथा और भी बीमारियों को नियमित सैर से दूर रखा जा सकता है। साथ ही एक नयी स्फूर्ति भी आ जाती है।

लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति बढ़ रही जागरूकता के बारे में पूछे जाने पर, डा मिश्रा कहते हैं लोग जागरूक हो रहे हैं। लेकिन यह जागरूकता जिस स्तर पर आनी चाहिए, उस स्तर पर नहीं आ रही है। अगर जानी मानी हस्तियां इस बारे में लोगों से अपील करें तो इसका अधिक प्रभाव पड़ सकता है।

डा अग्रवाल ने कहा खान पान संतुलित होना भी जरूरी है। तली भुनी, चटपटी और मसालेदार खाद्य सामग्री किसे अच्छी नहीं लगती लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी सामने आते हैं। इनसे कोलेस्ट्राल का स्तर बढ़ जाता है और इससे रक्तचाप का खतरा होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए खान पान को संतुलित करना अत्यंत जरूरी है।

वरिष्ठ चिकित्सक वी के गोयल मानते हैं कि युवा वर्ग जिस तेजी से धूम्रपान अपना रहा है, वह चिंताजनक है। वह कहते हैं बार बार कानून बनाए जाते हैं, चेतावनी जारी की जाती है लेकिन अपेक्षित नतीजा नहीं मिलता। तंबाकू से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी होती है और थोड़ी सी सतर्कता से इससे बचा जा सकता है।डा गोयल कहते हैं पान मसाला आज लगभग हर तीसरे युवा की जेब में मिलता है। यह जानते हुए भी कि इससे मुंह का कैंसर हो सकता है लोग इसे बेखौफ खाते हैं । धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों का कैंसर होने की आशंका होती है। जानी मानी हस्तियों को युवाओं से नशा त्यागने की अपील करना चाहिए। धुआं सेहत और तंदरूस्ती का सबसे बड़ा दुश्मन है ।

हदय रोग विशेषत्र डा के के अग्रवाल कहते हैं हदय रोग के मरीजों की संख्या लगतार बढ़ रही है और इसका मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा तनाव और अनियमित खान पान है। तनाव के कारण और भी कई बीमारियां होती हैं। इससे बचाव के लिए योग और व्यायाम नियमित करना चाहिए। ध्यान भी तनाव दूर कर सकता है। जो भी उपाय किए जाएं, वह नियमित हों तभी उनका लाभ मिलता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सेहत है तो सब कुछ है।

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