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ऑनलाइन किताबों की दुनिया

मान लीजिए कि ए और बी दो प्रतिद्वंद्वी कंपनियां हैं। दोनों इलेक्ट्रॉनिक्स बुक्स के व्यवसाय में अपनी बादशाहत कायम करना चाहती हैं। कंपनी ए (ए मतलब अमेजन) ने पुस्तकों को ऑनलाइन बेचने की शुरुआत की। इसका रीडिंग गैजेट किंडल, प्लास्टिक स्लैब में सौ से अधिक किताबें स्टोर कर सकता है, जिसका वजन सिर्फ दस औंस है। किंडल के साथ कंपनी ए ने कई इलेक्ट्रॉनिक बुक स्टोर बनाए, जिसमें 345,000 किताबें रखी जा सकती हैं और उनमें से प्रत्येक किताब को किंडल द्वारा 30 सेकेंड में डाउनलोड किया जा सकता है।

कंपनी बी (बैरनंस और नोबल) बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि ए अपने तरकश के सारे तीरों का इस्तेमाल कर ले। ए ने फ्री प्रोग्राम रिलीज किया है जिसके द्वारा आप ई-बुक को आईफोन और आईपॉड के टच से पढ़ सकते हैं। ऐसे में आपको किंडल की हर समय आवश्यकता नहीं होगी। 345,000 किताबों की बजाए बी के कैटलॉग में 700,000 किताबें हैं। आईफोन और आईपॉड के अलावा बी की फ्री बुकिंग रीडिंग एप्लीकेशन ब्लैकबेरी पर भी उपलब्ध है।

योजना
आप शुरू करने पर पांच कॉपीराइट से मुक्त किताबें पा सकते हैं। (ड्रेकुला, सेंस और सेंसिबिलिटी तथा अन्य) बी का बुक रीडर प्रोग्राम आपको कई विकल्प देगा। काले, सफेद और सेपिया रंग के अलावा बी के सॉफ्टवेयर में आप पसंदीदा कलर स्कीम का चुनाव कर सकते हैं। ऑटोस्क्रॉल विकल्प ऑप्शन की मदद से आप स्क्रीन को लगातार स्क्रॉल कर सकते हैं, सो आपको सारे पेजों को पलटना नहीं पड़ेगा। बी आपको किताबों को मैक और विंडोज कंप्यूटर पर भी पढ़ने देगा, जो बड़ा फायदा है। आप मानें या न मानें लेकिन आज तक कुछ लोग आईफोन और किंडल के बारे में जानते भी नहीं हैं।

पेजों के बीच
प्रायोगिक तौर पर कहानी से भी कुछ बातें अलग हैं। पहला, कोई बैरंस और नोबल अब तक किंडल के बराबर हो पाया है। 2010 के शुरुआत में इसकी किताबें किंडल के नए प्रतिद्वंद्वी पर उपलब्ध होगी। यह काफी पतला, बटनलैस, टच स्क्रीन रीडर है, जिसे कंपनी ने ‘प्लास्टिक लॉजिक’ का नाम दिया है। प्लास्टिक लॉजिक ने पिछले वर्ष अपनी मशीन की मार्केटिंग बिजनेस डाक्यूमेंट रीडर के रूप में की थी, लेकिन यह आराम से किताबों को पढ़ने में भी आनंददायक हो सकता है। दूसरा बी का दावा है कि यह विश्व का सबसे ई-बुक स्टोर है, संदेह पैदा करता है। वह स्वीकारता है कि उसके 700,000 टाइटल में से 500,000 पुराने, पब्लिक डोमेन टेक्स्ट हैं, जो गूगल बुक प्रोजेक्ट से स्कैन किए गए थे। कई जगह अजीबो-गरीब लाइन ब्रेक है, तो कई में शब्दों को गलत तरीके से लिखा गया है। जब आप फ्री खरीदने के मूड में हो, तो आप सर्च में गूगल कैटेलॉग को खोज नहीं सकते। अगर आपको कॉपीराइट फ्री किताब चाहिए, तो आपको ये किंडल पर उपलब्ध हो सकती है।

वास्तव में जब किताब पढ़ने की बात आती है, तो आपको बी का बुकस्टोर ए की तुलना में छोटा लगेगा। कई मशहूर और ताज-तरीन किताबें आपको ए स्टोर में खरीदने को मिल जाएंगी, लेकिन बी में आपको ऐसी दिक्कतों से रूबरू होना पड़ सकता है। ब्रेकफास्ट एट टिफ्नी, बॉनफाइर ऑफ द वेनिटीज, कैचर इन द राइ, व्हॉट टू एक्सपैक्ट व्हैन यू आर एक्सपेक्टिंग और कई। यह तलाशना काफी मुश्किल काम होगा कि बी मशहूर किताब ऑफर कर रहा हो, लेकिन ए नहीं। सीधे शब्दों में कहें, तो बैरंस और नोबल के पास संख्या के लिहाज से भले ही ज्यादा किताबें हों, लेकिन इनमें से कई सिर्फ फिलर ही हैं।

अंतिम चैप्टर
मुख्य बात ये है कि बी की किताबें कितनी महंगी हैं। दोनों ही कंपनी फ्री सैंपल चैप्टर ऑफर करती हैं और वर्तमान बेस्ट-सेलर पर दस डॉलर (480 रुपए) वसूलती हैं, जो वाकई बढ़िया है। लेकिन इससे इतर- द लवली बोंस (ए-10 डॉलर, बी-12 डॉलर), द काइट रनर (दस डॉलर बनिस्पत 12 डॉलर), डच्यून (8 डॉलर बनिस्पत 12.80 डॉलर), फ्रीकोनॉमिक्स (10 डॉलर बनिस्पत 16 डॉलर), लॉर्ड ऑफ द रिंग्स ट्रायोलॉजी (12.25 डॉलर बनिस्पत 30 डॉलर), द गॉडफादर (7 डॉलर बनिस्पत 13.50 डॉलर)। विभिन्न आंकड़ों में बात सामने आई कि कीमतों के मामले में ए, बी के मुकाबले बेहतर है।

कुछ जानी-मानी किताबें
दोनों कैटेलॉग में कई किताबें मौजूद नहीं हैं। किंडल के न्यूयॉर्क रिव्यू ने इसमें से कई की सूची बनाई है। द बोर्न आइडेंटिटी, कैच-22, पोर्टनॉय कंपलेंट, ए क्लॉकवर्क ओरेंज, द ज्वल इन द क्राउन, द वर्ल्ड एकार्डिग टू गार्प, द रिमेंस ऑफ द डे, या सॉल बैलो, फ्रेडरिक एक्सले, ग्राहम ग्रीन और अन्य की किताबें। इसके अलावा आप हैरी पॉटर की नॉवल, ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, जॉज, द हॉर्स विस्पर्र को आप इनमें नहीं पाएंगे।
ये किताबें इसलिए नदारद हैं क्योंकि इनके लेखक और प्रकाशकों ने इनके इलैक्ट्रॉनिक एडिशन बेचने से इंकार कर दिया था। हालांकि इसे ए और बी की गलती नहीं कहा जा सकता। लेकिन ऐसी किताबों का ऑनलाइन न मिलना एक सोचनीय मुद्दा जरूर है। बी की किताबों की कीमत भले ही ज्यादा है, लेकिन कम से कम आप इन किताबों को एक से ज्यादा स्क्रीन पर तो पढ़ ही सकते हैं।

क्या है दिक्कत
किताबों को आई-फोन पर पढ़ना आपके लिए परेशानी भरा हो सकता है। कहने का आशय ये है कि आईफोन पर टैपिंग शॉप आपको रीडर एप्लिकेशन से बाहर ले जा सकता है और आपको वेब ब्राउजर पर ले आता है। पर जब आप किताब खरीद लेते हैं, तो आप होमस्क्रीन पर वापस जा सकते हैं और रीडर एप्लीकेशन दोबारा खोल सकते हैं। मैक का स्ट्रिप्ड डाउन वर्जन खासकर काफी उलझा हुआ है, क्योंकि इसमें जब तक आप किताबें नहीं खरीदेंगे, आप बेहतर तरीके से इस ऑनलाइन लाइब्रेरी का आनंद नहीं उठा सकेंगे। बैरन और नोबल की ई-बुक के कुछ चमकदार पहलू हैं। हालांकि यह पहला प्रयास है। इससे कंपनियों को अपनी कमियां पहचानने का मौका मिलेगा। यह एक सराहनीय कार्य है। 

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