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अउऑफर में दम है

जॉब ऑफर किसी भी कंपनी द्वारा उम्मीदवार को दिया गया पहला रस्मी पुर्जा होता है। जाहिर है, इसे स्वीकार करने, या न करने का फैसला तब तक नहीं करना चाहिए, जब तक कि आप इसे ठीक से तौल न लें। क्योंकि केवल तभी पता चल सकता है कि ऑफर में दम है, या ये बिलकुल बेदम है। जॉब ऑफर का दम जांचने के लिए आपको इसमें कुछ आवश्यक तत्वों की तलाश करनी होगी। मसलन, करियर में आगे बढ़ने के मौके, कामकाज का माहौल, कॉर्पोरेट कल्चर, स्टाफ की सोच वगैरह,वगैरह। फैसला इनके आधार पर ही करना चाहिए, न कि केवल ज्यादा वेतन से आकर्षित होकर। जॉब ऑफर में कुछ फैक्टर आपके भविष्य की रेखा बनाने वाले होते हैं।

- वेतन: हमेशा मार्केट रेट का होना चाहिए, कम नहीं। इंडस्ट्री में आपके पद के लिए क्या ट्रेंड चल रहा है, इसकी पूरी रिसर्च करके आप सही वेतन का अंदाज लगा सकते हैं। लेकिन अतिरिक्त लाभ और सुविधाएं अलग-अलग कंपनियों पर निर्भर करती हैं। इसलिए हैल्थ बेनीफिट, बोनस, पार्किग जैसी सुविधाओं पर भी नजर डाल लेनी चाहिए।

- काम का माहौल: नए कर्मचारी के लिए किसी भी कंपनी में सहजता के साथ सैटल डाउन होना भी अहमियत रखता है। इसलिए मालूम कर लें कि वहां के कर्मचारी मित्रवत, माहौल प्रतियोगी और तरक्की की तरफ ले जाने वाला है, या नहीं।    

- कंपनी का स्टेटस: रिसर्च इसकी भी करें कि जिस कंपनी में जा रहे हैं, उसकी अपनी परफॉर्मेस कैसी है। क्या उसका उसका फलसफा आपकी सोच से मेल खाता है? कंपनी की ब्रांड वैल्यू अच्छी है, तो इससे जॉब मार्केट में आपकी कीमत भी बढ़ेगी। 

- अगर सब कुछ ठीक है, तो निर्धारित तारीख से पहले ही पूर्व सूचना देकर ड्यूटी ज्वॉइन कर लें।

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