DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दुर्घटना में राष्ट्रीय पक्षी की मौत

राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार दोपहर वाहन की चपेट में आने से एक मोर की मौत हो गई। पिछले करीब आठ महीनों के दौरान पटौदी और आसपास के क्षेत्रों में आधे दजर्न से अधिक मोरों की एकसाथ मौत हुई थी, लेकिन मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका।

रविवार को दुर्घटना के बाद मृत मोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लेकिन, पिछले महीनों के दौरान हुई मोरों की मौत से पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ने लगी है। अगर, मोरों की मौत का सिलसिला जारी रहा तो शायद आने वाले दिनों में गिद्ध, कौवे की तरह मोरों की प्रजाति भी विलुप्त होने लगेगी। वन्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुड़गांव में सैकड़ों की तादाद में मोर रहते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दुर्घटना में राष्ट्रीय पक्षी की मौत