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बलिया में तीन एकड़ खेत गंगा में समाये

गंगा नदी की कटान धीरे-धीरे तेज होती जा रही है। नदी की उफनाती लहरें गंगौली गांव से सीधे टकरा रही हैं और पचरूखिया से गंगौली तक अरारों को काट रही हैं। रविवार को जलस्तर में वृद्धि तो थमी, लेकिन कटान का तांडव जारी रहा। गंगा नदी के उस पार नौरंगा पुल स्थल से पूरब बेचिरागी मौजा बकुलिया में कटान से करीब तीन एकड़ खेत गंगा में विलीन हो गयी।

गंगा की  बाढ़ व कटान से पिछले ही साल गंगौली गांव उजड़ना खंड शुरू हो गया था। इस साल भी दजर्नों लोग अपना मकान तोड़ पलायन कर चुके हैं। गांव में चार मकान तोड़े जा रह हैं। कई लोग बेघर हो चुके हैं और बलिया-बैरिया बांध पर शरण लिये हुए हैं।

उधर, पचरूखिया-मझोंवा कटान स्थल से स्पर संख्या 13 से 15 के बीच नदी की धारा उत्तरवाहिनी होने की वजह से एनएच 19 पर सीधे दबाव बन रहा है। हालांकि प्रशासनिक अमला पूरी तरह बेफिक्र है। एनएच की सुरक्षा के प्रति कोई भी सतर्कता नहीं बरती जा रही है। बाढ़ नियंत्रण केन्द्र गायघाट पर नदी का जलस्तर रविवार को प्रात: आठ बजे 53.85 मीटर पर स्थिर बना हुआ था। 

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