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सरकारी वेबसाइट खोले तो पड़ जाएंगे फेरे में

 राज्य सरकार की नजर में रामचन्द्र सहनी ही अब भी पर्यावरण एवं वन मंत्री है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले वर्ष अप्रैल में ही रामजी षिदेव को पर्यावरण एवं वन मंत्री बना डाला है। राज्य सरकार के वेबसाइट में वन विभाग का हुलिया लेने का प्रयास करेंगे तो चक्कर में पड़ जाएंगे। वन विभाग की फोन डायरेक्टरी में दो साल पहले हटाये गये अधिकारी अब भी पुराने पद पर कायम है।

वन विभाग के मंत्री से लेकर सर्वोच्च स्तर के दर्जन से ऊपर अधिकारियों के गलत नाम अंकित हैं। गोवा के एक व्यक्ति ने जब बिहार सरकार की वेबसाइट से पर्यावरण एवं वन विभाग की स्थिति जाननी चाही तो यह मामला उजागर हुआ। अंदाज लगाया जा सकता है कि बिहार को हाइटेक युग में ले जाने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिशों पर उनके ही अधिकारी कैसे पानी फेर रहे हैं।

सिर्फ मंत्री ही नहीं विभाग के पूर्व सचिव शिशिर सिन्हा को हटे चार माह से उपर हो गये पर वेबसाइट में वे अब भी पर्यावरण एवं वन सचिव बने हुए हैं। डायरेक्टरी में उल्लिखित सचिव के आवास के फोन नम्बर बात करने पर श्री सिन्हा को बताना पड़ता है कि वे अब पर्यावरण एवं वन सचिव नही हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) पद पर डा. एमके सिन्हा पौने दो वर्षो से इस पद काबिज हैं पर वेबसाइट में अब भी बीए खान ही पीसीसीएफ बने हुए हैं।

बीएन झा को मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक बने पौने दो साल हो गये पर एमजे मिश्रा ही अब भी इस पद पर जमे हुए हैं। यही नहीं आईएफएस अभय कुमार चर्चित संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हैं पर वेबसाइट देखकर कोई जानना चाहे तो उसे पूर्व निदेशक राकेश कुमार ही नजर आयेंगे। पटना अंचल के वन संरक्षक बने बीपी सिन्हा को एक साल हो गये पर एसके सिंह ही अब भी इस पद पर जमे हुए हैं।

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