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सौभाग्य प्राप्ति के लिए व्रत त्योहार

23 अगस्त (रविवार) को हरितालिका का तीज व्रत, हरितालिका गौरी तृतीया, वैनायिकी श्री गणोश चतुर्थी व्रत, हरितालिका चतुर्थी, अवम् (तिथिक्षय), संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष जैन), वृहद गौरी व्रत, वाराहावतार तृतीया, मन्वादि तृतीया, पत्थर चौथ (आज चंद्रदर्शन का निषेध है), राष्ट्रीय भाद्रपद मासारंभ। रमजान का प्रथम दिन (मुस्लिम)।

हरितालिका व्रत : व्रती संकल्प कर पूजा-सामग्री इकट्ठा करके कलश के ऊपर शिव-गौरी रखकर पूजा करते हैं और निराहार रहते हैं। अगले दिन पारणा करके व्रत को समाप्त करते हैं। इसी दिन हरिकालरी हस्तगौरी और कोटीश्वरी आदि के व्रत भी होते हैं। इन सबमें पार्वती के पूजन का प्राधान्य है और विशेषकर ये व्रत स्त्रियां करती हैं। ये व्रत करने से स्त्रियों को सौभाग्य प्राप्त होता है।

24 अगस्त (सोमवार) को षि पंचमी, सम्वतसरी समाप्त (पंचमी पक्ष जैन) मेला पाट-3 दिन (जम्मू-कश्मीर), सोमवती पंचमी पर्व। आप स्तम्भ श्रावणी, स्माद्रिका नाग पंचमी।
25 अगस्त (मंगलवार) को सूर्य षष्ठी व्रत, ललिता षष्ठी व्रत, लोलार्क षष्ठी - पुत्रर्थियों को आज से 16 दिन तक लोलार्क काशी कुण्ड में पूजन एवं अर्चन करना चाहिए।
26 अगस्त (बुधवार) को मुक्ताभरण सप्तमी व्रत, उमा महेश्वर पूजन, अपराजिता सप्तमी, संतान सप्तमी।
27 अगस्त (बृहस्पतिवार) को अनुराधा नक्षत्र में ज्येष्ठा गौरी का आवाहन। आज से 16 दिनात्मक महालक्ष्मी व्रतारम्भ। दुर्गाष्टमी। महर्षि दधीचि जयंती।
28 अगस्त (शुक्रवार) को त्र्यह स्पर्श (तिथि वृद्धि)। श्री दुर्गाष्टमी व्रत, श्री राधाष्टमी।
29 अगस्त (शनिवार) को अदु:ख नवमी, दशावतार दशमी व्रत, मूल नक्षत्र में ज्येष्ठा गौरी का विसजर्न।

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  • Web Title:हरितालिका व्रत