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किडनी दिलाने का झांसा देने वाला सरगना गिरफ्तार

सरोजनी नगर पुलिस ने किडनी दिलाने वाले सरगना विनोद कुमार को सफदरजंग अस्पताल से गिरफ्तार किया है। आरोपी एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर की मां को किडनी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये एडवांस लेकर फरार हो गया था। विनोद ने दस लोगों से किडनी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये एडवांस लिया हुआ था। पटियाला हाउस अदालत के आदेश पर उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

सरोजनी नगर पुलिस को गत बुधवार को खून का गोरखधंधा करने वाले सरगना महेश कुमार और उसके पांच अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद से ही विनोद की सरगर्मी से तलाश थी। इस बीच पुलिस को पता चला कि प्राइवेट अस्पताल के एक डॉक्टर विवेक रंजन से विनोद उनकी मां के लिए किडनी का इंतजाम कराने के नाम पर 50 हजार रुपये एडवांस ले चुका है और उसने दो दिन में किडनी दिलाने का वायदा किया था। लेकिन फिर वह गायब हो गया। सरोजनी नगर के थानाध्यक्ष रमेश कक्कड़ और इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की टीम ने विनोद को सफदरजंग अस्पताल के गेट नंबर छह से गिरफ्तार कर लिया।

उससे पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि उसने दस लोगों से एडवांस भी ले रखा था, जिनका पुलिस पता लगा रही है। एडवांस लेने के बाद वह भूमिगत हो जाता था और मोबाइल फोन भी बंद कर देता था। विनोद वर्ष 2000 में प्राइवेट अस्पतालों के बाहर खून बेचने का गोरखधंधा करता था। उसकी मर्जी के बिना कोई दूसरा वहां पर काम नहीं कर सकता था। फिर उसे कमाई का लालच बढ़ गया, जिसके बाद वह किडनी बेचने के  गोरखधंधे में शामिल हो गया।

वर्ष 2000 से वर्ष 2004 के बीच उसने 25 लोगों को किडनी दिलाई थी। उसे वर्ष 2004 में मंदिर मार्ग थाने की पुलिस ने अंग प्रत्यारोपण के आरोप में गिरफ्तार भी किया था। जेल से बाहर आकर उसने फिर से जरुरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया।

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