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18 जनवरी, 2020|8:53|IST

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भारत विरोधी गतिविधि रोकने को नेपाल प्रतिबद्ध

भारत विरोधी गतिविधि रोकने को नेपाल प्रतिबद्ध

नेपाल ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह भारत विरोधी किसी गतिविधि के लिए अपनी सरजमीं का इस्तेमाल नहीं होने देगा। नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की भारत यात्र की समाप्ति पर जारी एक संयुक्त बयान में यह बात कही गई। उनकी यात्रा के दौरान एक संशोधित व्यापार संधि समेत तीन समझोते किए गए।

संयुक्त बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों ने यह भी तय किया कि दोनों देशों के विदेश सचिव वर्ष 1950 की मैत्री संधि पर चर्चा और उसकी समीक्षा करेंगे। साथ ही अन्य द्विपक्षीय समक्षौतों को प्रगाढ़ किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने परस्पर सम्मान, समझबूझ और आपसी लाभ के आधार पर संबंधों को नई उचांइयों पर ले जाने और सहयोग के क्षेत्रों में विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके नेपाली समकक्ष माधव कुमार नेपाल ने मुलाकात के दौरान व्यापार और सुरक्षा मुद्दों समेत विभिन्न पक्षों पर विचार-विमर्श किया। नेपाल ने भारत को भरोसा दिलाया कि भारत विरोधी किसी भी गतिविधि के लिए वह अपनी सरजमीं को इस्तेमाल नहीं करने देगा। भारत ने भी नेपाल को यही भरोसा दिलाया।

दोनों पक्षों में इस बात पर भी सहमति बनी कि सुरक्षा मुद्दों पर द्विपक्षीय परामर्श समूह और दोनों देशों के गृह सचिव दो माह के भीतर मुलाकात करेंगे ताकि सीमापार अपराध समेत सुरक्षा संबंधी तमाम चिंताओं को कारगर ढंग से दूर करने की दिशा में सहयोग किया जा सके। नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने देश की शांति प्रक्रिया से अवगत कराया और भारत ने इसके प्रति अपना पूरा समर्थन जताया।


 दोनों पक्षों ने एक नई व्यापार संधि और अवैध व्यापार खासतौर पर किसी तीसरे देश से होने वाले ऐसे व्यापार पर नियंत्रण के लिए एक समझोते पर दस्तखत किए जिसका मकसद द्विपक्षी आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करना है। नए समझोते वर्ष 1991 से चली आ रही व्यवस्थाओं का स्थान लेंगे जिन्हें समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा।

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