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आतंक के खिलाफ संघीय कानून जल्द : मोइली

आतंक के खिलाफ संघीय कानून जल्द : मोइली

आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अघोषित युद्ध बताते हुए कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि केंद्र सरकार संघीय कानून बनाने पर विचार कर रही है, ताकि नवगठित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को आतंकवाद से लड़ने में सक्षम बनाया जा सके।

संविधान और आतंकवाद निरोधी कानून पर एक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद की अंदरुनी एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकृति को देखते हुए एनआईए के गठन की आवश्यकता महसूस की गई और संघीय कानून बनाना महत्वपूर्ण है जो संभव है। मैंने इसके लिए प्रशासनिक सुधार आयोग (एआरसी) की रिपोर्ट में अनुशंसा की थी।

राष्ट्रीय जागृति संस्थान, साउथ एशिया पॉलीटिक्स एवं जर्मनी की एक संस्था के तत्वाधान में संयुक्त रूप से आयोजित एक समारोह में उन्होंने कहा कि यह अघोषित युद्ध है, हमें इसके बारे में नहीं भूलना चाहिए । बिना किसी हिचक के आतंकवाद की समस्या का समाधान करना है।

आतंकवाद निरोधी कानूनों के परिप्रेक्ष्य में संवैधानिक संरक्षण की ओर इंगित करते हुए मंत्री ने ऐतिहासिक डीके बसु बनाम बंगाल मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि मुठभेड़ कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग समझते हैं कि आपराधिक न्याय प्रणाली में विलंब के कारण ऐसा होता है ।

उन्होंने कहा कि जब तक आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह ठीक नहीं किया जाता है, जिसे हम भविष्य में करेंगे, तब तक न सिर्फ कानून लागू करने वालों बल्कि न्यायपालिका की क्षमता को भी बढ़ाना आवश्यक है।

आतंकवादी कार्रवाइयों को राष्ट्रों एवं इसके नागरिकों को अस्थिर करने की कार्रवाई बताते हुए मोइली ने कहा, यह हमारी लोकतांत्रिक संस्था, राष्ट्रीय गर्व के प्रतीक, सुरक्षा, रणनीतिक संरचना और नागरिकों पर हमला है।

उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि इस चुनौती का आमने-सामने मुकाबला किया जाए न कि सिर्फ समस्या की बात की जाए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक समुदाय को याद दिलाता है कि इस खतरे को रोका जाए और इसे रोकने के लिए प्रभावी काम किया जाएं।

मोइली ने कहा कि आतंकवाद सुरक्षा एजेंसियों एवं कानून बनाने वालों के लिए एकसमान नई चुनौती है और इससे लड़ने के लिए नया रुख, तकनीक, हथियार, विशेषज्ञता और कानूनों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कानून बनाने वाले और इसे लागू करने वालों को अपने सोचने का तरीका बदलने की जरूरत है और आतंकवाद के कारण नई चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने की आवश्यकता है।

कानून मंत्री ने कहा कि देश के अग्रिम मोर्चे पर विदेशी ताकतों द्वारा पैदा की जा रही स्थिति संप्रुभता एवं लोकतांत्रिक नीति कि चुनौती है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में सदस्य देशों से आतंकवादी कार्रवाइयों को रोकने एवं उनके वित्तपोषण को खत्म करने का आह्वान किया गया है।

उन्होंने कहा कि वित्तपोषण एक महत्वपूर्ण कारक है और अगर आप आतंकवादी संसाधनों को खत्म करने की स्थिति में हैं तो आधी समस्या का समाधान हो सकता है। मोइली ने कहा कि आतंकवाद को सिर्फ लोक व्यवस्था में गड़बड़ी उत्पन्न करने के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, यह इतना साधारण नहीं है।

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  • Web Title:आतंक के खिलाफ संघीय कानून जल्द : मोइली