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14 अप्रैल, 2021|5:11|IST

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मुशर्रफ पर चले केस, नहीं तो इस्तीफाः नवाज

मुशर्रफ पर चले केस, नहीं तो इस्तीफाः नवाज

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) पीएमएल (एन) प्रमुख नवाज शरीफ ने कहा है कि यदि सरकार जल्द ही संविधान के 17वें संशोधन को रद्द करने के लिए योजना लेकर नहीं आई तो उनकी पार्टी संविधान संशोधन पर गठित संसदीय समिति छोड़ देगी।

शरीफ ने पंजाब हाउस में संवाददाताओं से कहा कि वह किसी निजी कारणों से संविधान की धारा छह के तहत पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुर्शरफ के खिलाफ मामला चलाने के लिए दबाव नहीं बना रहे, बल्कि वह तो चाहते हैं कि देश में कानून का राज लागू हो। उन्होंने कहा कि पूरा देश चाहता है कि संविधान को निलंबित करने वाले जनरल मुशर्रफ के खिलाफ मामला चलाया जाय।

उन्होंने कहा कि सत्ता में सैन्य हस्तक्षेप का रास्ता बंद करने का यह एक सुनहरा मौका है और यदि सरकार तानाशाही के खिलाफ कोई कदम उठाने में असफल रही तो यह पूरे देश के लिए बहुत निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा कि देश के सुप्रीम कोर्ट ने तीन नवंबर 2007 को उठाए गए कदम को पहले ही अवैध घोषित कर दिया है, इसलिए सरकार के सामने जनरल मुर्शरफ के खिलाफ मामला चलाने के अलावा अन्य कोई चारा नहीं बचा है।

शरीफ ने कहा कि सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह किसी भी तानाशाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के हस्ताक्षर वाले लोकतंत्र के चार्टर में भी इस बात का उल्लेख है संविधान का उल्लंघन करने वाले को सजा मिलनी ही चाहिए।

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