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पाक सेना श्रीलंका से सीखेगी छापामार युद्ध नीति

पाक सेना श्रीलंका से सीखेगी छापामार युद्ध नीति

श्रीलंका में अपराजेय माने जाने वाले विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर विजय प्राप्त करने के बाद श्रीलंका सेना पाकिस्तानी सेना को छापामार युद्ध के गुर सिखाएगी।

श्रीलंकाई सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जगत जयसूर्या ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर उन्हें खुशी होगी। इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने लिट्टे के खिलाफ श्रीलंका सेना की सफलता को देखकर उससे अपने सैनिकों को गुरिल्ला युद्ध रणनीति को सिखाने का अनुरोध किया था।

लेफ्टिनेंट जनरल जयसूर्या ने पत्रकारों से कहा कि हम सकारात्मक उत्तर देंगे। उन्होंने बताया कि श्रीलंका सेना ने छह सप्ताह का विशेषज्ञ कोर्स बनाया है। इस कोर्स में रुचि रखने वाली सेनाओं के सदस्यों को छोटे-छोटे गुटो में युद्ध कला सिखाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कई अन्य देशों ने उस रणनीति और दांवपेंच जानने की इच्छा जताई है, जिससे श्रीलंकाई सेना ने तीन वर्षों के अल्प समय में ही लिट्टे लड़ाकों को परास्त कर दिया। लेफ्टिनेंट जनरल जयसूर्या ने बताया कि सेना की अब इच्छा है कि अंग्रेजी भाषा में लिखित सैन्य सिद्धांत बनाया जाय। उन्होंने कहा कि श्रीलंका ने राजनयिक माध्यमों से इसी तरह के प्रशिक्षण का प्रस्ताव अमेरिका, भारत, बांग्लादेश और फिलीपीन्स को दिया है।

उन्होंने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तानी सेना को लिट्टे के कब्जे से मुक्त कराए गए क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण संभवतः देश के दक्षिणी पूर्वी भाग में दिया जाएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि नए स्थाई सैन्य अड्डे लिट्टे से मुक्त कराए गए देश के उत्तरी क्षेत्रो में स्थापित किए जाएंगे। इसमें लिट्टे का मुख्यालय किलनोच्ची भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने लिट्टे लड़ाकों के खिलाफ अभियान चला रही श्रीलंकाई सेना की उस समय हथियार की आपूर्ति कर मदद की थी जब अन्य कई देशों ने उसे हथियारों की बिक्री पर रोक लगा दी थी।

इससे पहले श्रीलंका सेना के पूर्व नौसैनिक प्रमुख एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वसंत करणगोदा ने ब्रिटेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक सेमीनार में कहा था कि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा लिट्टे लड़ाकों के खिलाफ प्रयुक्त रणनीति और दांवपेंच विश्व की अन्य नौसेनाओं द्वारा उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि भविष्य में उन्हें बड़े पोतों के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवादियों, समुद्री लुटेरों और विभिन्न तरीके के तस्करों की तेज गति से चलने वाले छोटी नावों से मुकाबला करना होगा।

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  • Web Title:पाक सेना श्रीलंका से सीखेगी छापामार युद्ध नीति