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12 अगस्त, 2020|3:01|IST

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फसलों को लेकर ऐहतियात बरतें

जिले के कुछ गांवों में ज्वार व बाजरा की फसल पर फडका/टिड्डा से नुकसान की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। यह कीट मुख्य रूप से ज्वार को नुकसान पहुंचाता है तथा बाद में यह बाजरे की फसल पर भी आक्रमण करता है।

कृषि विभाग के उप-कृषि निदेशक डा. परमजीत सिंह ने किसान भाईयों को सलाह दी है कि वह अपने खेत व आस-पास खाली पड़ी पंचायत की भूमि का निरीक्षण करते रहें। कीट पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरन्त कृषि विभाग के कार्यालय में दें।

सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डा. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि इस कीट के नियन्त्रण के लिए मैलाथीयान 50 ई.सी. 500 मिली लीटर या 750 ग्राम, कार्बेरिक 50 डब्ल्यू.पी. 200 लीटर पानी में प्रति एकड़ में छिड़काव करें तथा उपचारित ज्वार का प्रयोग एक सप्ताह तक नहीं करें।

बासमती धान की फसल पर सफेद पीठ वाले तेले की रोकथाम के लिए 10 किलोग्राम काबरेरिल 5 प्रतिशत घुड़ा या 125 मिली लीटर डाईक्लोरोवास 76 ई.सी. का प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में स्प्रे करें। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे इस बारे सतर्क रहे एवं इसकी सूचना तुरन्त विभाग को दें।

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