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मदनमोहन के लिए रक्तदान है महादान

रक्तदान महादान होता है। इसी उद्देश्य के साथ एनएच-पांच में रहने वाले मदनमोहन हर दो महीने में रक्तदान कर चुके हैं। इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें रक्तदान दिवस पर सम्मानित किया जा चुका है। वह 101 बार खून देने का रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं।

38 वर्षीय मदनमोहन बताते हैं कि हर किसी शख्स को रक्तदान करना चाहिए। इससे अपना शरीर स्वस्थ रहता है। दूसरों को जिंदगी दी जा सकती है।

उन्होंने बताया कि लोग अक्सर खून देने से डरते हैं। इसलिए ब्लड बैंकों में खून की कमी है। मदनमोहन जब भी रक्तदान करते हैं पांच साल के बेटे कुणाल, बेटी तान्या और पत्नि आशा को साथ लेकर जाते हैं। वह चाहते हैं कि उनके बच्चे भी उनसे प्रेरित होकर महादान करें।

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