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10 जुलाई, 2020|8:41|IST

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कभी भी खेला जा सकता है खूनी खेल

मिनरल वाटर की सप्लाई को लेकर शहर अब इलाकों में बंट गया है। कारोबारी लिहाज से पानी माफिया अपने इलाके में दूसरे व्यापारी को बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं। कभी भी यहां खूनी खेल खेला जा सकता है। शहर में 200 से ज्यादा मिनरल वाटर के प्लांट हैं। इनके मालिकों में तनातनी का महौल बना रहता है।  जिला प्रशासन की नजर इस तरफ नहीं है। एनसीआर नोएडा में मिनरल वाटर की सप्लाई लेकर गोलियां चल चुकी हैं।

पानी सप्लाई करने में नाकाम नगर निगम की कमजोरी का फायदा पानी माफिया खूब उठा रहे हैं। सेंट्रल ग्राउंड वाटर की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के अधिकांश क्षेत्र में पानी पीने लायक नहीं रहा है। जलस्तर नीचे जाना इसकी मुख्य वजह है। पानी को लेकर त्राही-त्राही शहर में मची रहती है। मौका भुनाने के लिए पानी माफियाओं ने प्रशासन की इजाजत के बिना शहर में 200 से ज्यादा प्लांट लगा दिए हैं।

जो रोजाना लाखों लीटर पानी बोतलों में बंद करके बेच रहे हैं। दफ्तर, दुकान के बाद अब घरों में यह पानी सप्लाई हो रहा है। स्वास्थ्य के लिहाज से लोग मिनरल वाटर को ज्यादा पसंद करते हैं। इस पानी के कारोबार में प्रतिस्पर्धा खड़ी हो गई है। पानी माफिया अपने-अपने इलाके में दूसरे प्लांट की सप्लाई पर रोक लगा रहे हैं। मार्केट हड़पने के लिए 30 रुपये से कम करके माफिया ने 20 लीटर बोतल का रेट घटाकर 20 रुपये तक कर दिया है।

मची इस होड़ में तनातनी का माहौल है। प्लांट में तीन से एक करोड़ रुपये तक निवेश करने वाला माफिया मार्केट में ज्यादा सप्लाई करना चाहता है। छोटे प्लांट वाले इसमें अड़ंगा डाल देते हैं। जो उनको बर्दाश्त नहीं हो रहा है। एनसीआर नोएडा में इसी बात को लेकर जबरदस्त झड़प हुई है। गोलियां भी चली हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एक प्लांट के मालिक ने बताया कि कम निवेश में मिनरल वाटर की सप्लाई बेहतर कारोबार बन रहा है। बोरिंग के लिए उपायुक्त कार्यालय में 100 लोगों के आवेदन आ चुके हैं। इन पर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।

 

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  • Web Title:वाटर सप्लाई को लेकर मारामारी