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आतंकी कुत्तों के लिए घर बनाने की मांग

आवारा कुत्तों के आतंक के चलते बदनाम हो चुके देश के प्रमुख औद्योगिक नगर जमशेदपुर में ऐसे कुत्तों के सफाए के लिए आए दिन होने वाले प्रदर्शनों के बीच पशुप्रेमियों ने सरकार से उनके लिए एक शरणस्थली का निर्माण करने की मांग की है।
 
नगर में बेतहाशा बढ़ी आवारा कुत्तों की आबादी तथा राहगीरों और अन्य लोगों पर उनके हमलों की समस्या को लेकर कई बार राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन के समक्ष प्रदर्शन किया है तथा इनका सफाया किए जाने की मांग की है। समझा जाता है कि नगर के अस्पतालों में हर माह कुत्ता काटने के कारण कम से कम एक सौ लोग इलाज कराते हैं।

यहां पिछले वर्ष आवारा कुत्तों के काटने की घटना में कम से कम सात बच्चों की मौत हो गई थी। गत आठ जुलाई को भी आवारा कुत्तों के झुंड ने तो एक वृद्ध महिला को वीभत्स तरीके से नोंचनोंच कर मार डाला था। यहां अस्पतालों में एंटी रेबीज दवाओं की कथित कमी भी एक समस्या बनी हुई है।
 
पशु सेवी कार्यकर्ता तथा वरिष्ठ आइएएस अधिकारी सजल चक्रवर्ती ने पीपुल्स फॉर एनीमल्स के प्रमुख किशोर ओझ तथा अन्य पशु प्रेमियों से मुलाकात के बाद आज यहां पत्रकारों को बताया कि उन्होंने आवारा कुत्तों के लिए शरणस्थली बनाए जाने समेत कई अन्य जिला प्रशासन को सौंपे हैं तथा इस मुद्दे पर उपायुक्त से एक बैठक बुलाने की मांग भी की है।
 
उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए किए जाने वाले उनके बंध्याकरण के समय ही उन्हें एंटी रेबीज टीका देने और ऐसे कुत्तों को एक विशेष निशान दिए जाने के सुझाव भी दिए गए हैं। इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। श्री चक्रवर्ती ने आवारा कुत्तों से सही बर्ताव करते हुए इस समस्या का हल निकालने के लिए टाटा स्टील तथा अन्य निजी संस्थानों से भी पूरा सहयोग लेने की वकालत की।
 

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