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आदमखोर बाघ को उतारा मौत के घाट, पांच लोगों को किया गंभीर रूप से घायल

 प्रखंड के कुमराडा गांव में बाघ ने एक ही रात को पांच लोंगों पर दो गांव में हमला बोल जख्मी कर दिए। छठी घटना को अंजाम देते वक्त बाघ को ग्रामीणों ने कमरे में बंद कर वन विभाग की मदद से मार गिराया। क्षेत्र में बाघ का आतंक जारी है। गत जुलाई माह कुमराडा गांव में महिला पर हमला बोल रहे बाघ को कुल्हाड़ी से मारने के बाद बाघ ने 19 अगस्त की रात्रि को अलग-अलग गांवों में 5 लोगों समेत एक भैंस पर हमला बोल दिया। बाघ ने पहली घटना को मली गांव में आंगन के पास खड़ी माया देवी पर हमला बोल अंजाम दिया।

मुंह व शरीर को बुरी तरह जख्मी करने के बाद ग्रामीणों ने माया देवी को तो बचा लिया किन्तु बाघ गांव से लगे अनोल गांव पहुंच गया। यहां बाघ ने लगभग 10 बजे बिन्द्रा देवी, पत्नी केशर सिंह, अंकित पुत्र गंभीर सिंह व कृष्णा पुत्र केशर सिंह पर एक साथ हमला बोल बुरी तरह जख्मी कर दिया। ग्रामीणों की मदद से यहां भी बाघ को आदमखोर बनने से रोका गया। बाघ ने पांचवीं घटना को फिर मली गांव में बरामदे पर सो रहे नेपाली मजदूर डायमंड बहादुर पर हमला बोलकर अंजाम दिया।

बाघ व नेपाली मजदूर की कुछ देर तक हथापाई होने के बाद आस-पास के लोग जाग उठे। बाद में ग्रामीणों ने नेपाली मजदूर को बाघ के चुंगल से बचा लिया। रातभर भूख की मार से परेशान आदमखोर बन चुक बाघ ने सुबह लगभग साढ़े चार बजे कुमराडा गांव निवासी वीर सिंह की सिमरियाली गौशाला में भैंस पर हमला किया। लगभग आधे घण्टे तक बाघ व भैंस की भिंडत के बाद गौशाला की दूसरी मंजिल में सो रहे वीर सिंह व उनकी पत्नी श्रीमती पुलमा देवी, भाई बैशाख सिंह प्रेम सिंह व नत्थी सिंह ने साहस का परिचय देते हुए बाघ से भिड़ने को मैदान में उतर गये।

सभी लोगों ने बाघ को घेर कर लाठी-डंडों से मारना शुरू कर दिया। बचाव में बाघ खुला पड़ा कमरें में जा घुसा। उक्त लोगों ने अनान-फानन में कमरे के दरवाजे लगा कर दरवाजे के सामने लकड़ी, पत्थर एकत्रित कर दिए। सुबह आस-पास के लोग व वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। बाद में पिंजरा लगा कर बाघ को बाहर निकाला गया। बाघ पिंजरे में आते ही गिर पड़ा। बाद में पशु चिकित्सकों ने बताया कि बाघ की हृदय गति रुकने से मौत हुई है।

मौके पर पहुंचे एसडीओ एसएस वैश्य ने बताया कि भूख के चलते बाघ ने हमला बोला है। उन्होंने हमले में घायल लोगों व वीर सिंह को उचित मुआवजा देने की बात कही। घायलों का चिन्यालीसौड़ व जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वन क्षेत्रधिकारी सुरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि बाघ के आतंक को देखते हुए क्षेत्र में पेट्रोलिंग की जाएगी।

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  • Web Title:आदमखोर बाघ को उतारा मौत के घाट