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सूखा राहत का पैसा कहीं और खर्च न हो

राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने आज कहा कि हाल की बारिश के बाद भी उत्तर प्रदेश में भयंकर सूखा है और इसके लिए मुख्यमंत्री मायावती को केन्द्र सरकार से पैसा मांगना चाहिए, लेकिन उनकी नीयत पर संदेह है कि वह सूखा राहत के लिए दिया गया पैसा कहीं मूर्तियों एवं पार्कों पर खर्च न कर दें।
 
श्री सिंह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सूखे के कारण प्रदेश के किसान परेशान है। सूखा राहत के लिए राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से धन मांगना चाहिए और इसके लिए वह भी प्रयास करेंगें। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार के दो साल के कार्यकाल का अनुभव यही बताता है कि अरबों रुपया मूर्तियों और पार्कों पर ही खर्च किया गया। इसी कारण मुख्यमंत्री की नीयत पर संदेह है कि वह सूखा राहत का पैसा कहीं मूर्तियों और पार्कों पर खर्च न कर दें।
 
उन्होंने कहा कि सुश्री मायावती पहले इस बात की गांरटी दें कि वह सूखा राहत का पैसा पीडितों की सहायता पर ही खर्च करेंगी तो उनकी पार्टी सूखा राहत जैसी मदद के लिए प्रधानमंत्री से मांग करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक सूखा राहत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रदेश सरकार ने मूर्तियों के लिए बजट बढाकर करीब 500 करोड़ कर दिया, जबकि सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए मात्र 250 करोड रुपए की व्यवस्था की है।

किसान को बिजली मिल नहीं रही है और नहरों में पानी है ही नहीं। उन्होंने कहा कि जब दूसरे राज्य अतिरिक्त बिजली खरीद सकते हैं तो यहां की सरकार किसानों के लिए अतिरिक्त बिजली क्यों नहीं खरीद सकती।

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