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फ्लिंटाफ लोकप्रिय हैं महान नहींः आर्थटन

फ्लिंटाफ लोकप्रिय हैं महान नहींः आर्थटन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान भले ही लोकप्रियता के मामले में स्टार आलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटाफ को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के समकक्ष रखते हों लेकिन एक अन्य पूर्व इंग्लिश कप्तान माइक आर्थटन का मानना है कि फ्लिंटाफ ऐसे लोकप्रिय खिलाडी़ हैं जिसे महान खिलाडियों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

आर्थटन ने द टाइम्स में अपने कालम में लिखा कि फ्लिंटाफ के पास दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने और एक ही गेंद से मैच का पासा पलटने की क्षमता है लेकिन इससे उन्हें महान नहीं कहा जा सकता है। क्रिकेट जैसे टीम खेल में अकेले दमखम दिखाने का कोई महत्व नहीं है। हारने वाली टीम में भी कई महान खिलाडी़ हो सकते हैं और वेस्ट इंडीज के पूर्व महान बल्लेबाज ब्रायन लारा इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा फ्लिंटाफ को एक महान क्रिकेटर की तरह ओवल में पांचवें और आखिरी एशेज टेस्ट के बाद विदाई दी जाएगी। निसंदेह वह इंग्लैंड के दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं। लेकिन लोकप्रियता और महानता दो अलग-अलग चीजें हैं। किसी की महानता को क्रिकेट में उसके योगदान और रिकार्ड के आधार पर ही आंका जा सकता है। घुटने की चोट से जूझ रहे फ्लिंटाफ ने इंग्लैंड के लिए 78 टेस्टों में 3816 रन बनाए हैं। मौजूदा एशेज श्रृंखला के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर चुके है।

आर्थटन ने कहा फ्लिंटाफ ने 2005 एशेज में गेंद और बल्ले से जबर्दस्त प्रदर्शन किया था। लोकप्रियता के मामले में वह टीम के महान आलराउंडर इयान बाथम को भी पीछे छोड़ चुके हैं। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कई युवा क्रिकेट की ओर आकर्षित हुए हैं।

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