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बीएचयू में बही ज्ञान-ध्यान की गंगा

बीएचयू में बुधवार को ज्ञान और ध्यान की गंगा बही। अवसर था संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग की ओर से आयोजित अष्टावधान कार्यक्रम का। विलुप्त हो रही अष्टावधान क्रिया के तहत आंध्र प्रदेश के प्रभाकर दौर्बल्य शास्त्री ने आठ विद्वानों के सवालों के एक ही समय में जवाब देकर उपस्थित श्रोताओं को दांतों तले उंगली दबाने पर विवश कर दिया।

सबसे पहले आठों विद्वानों ने अपने-अपने प्रश्न पूछे। बाद में न्यायशास्त्र के ज्ञाता श्री शास्त्री ने एक-एक कर सभी विद्वानों के सवालों का समाधान श्लोकबद्ध तरीके से किया। प्रश्न पूछने वालों में प्रो. आंजनेय शास्त्री, प्रो. चंद्रमौलि द्विवेदी, प्रो. राजाराम शुक्ल, प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, प्रो. विंध्येश्वरी प्रसाद मिश्र, प्रो. कौशलेन्द्र पाण्डेय, डा. भगवतशरण शुक्ल व डा. सदाशिव कुमार द्विवेदी शामिल थे।

अध्यक्षता संकाय प्रमुख प्रो. रमेश चन्द्र पण्डा ने की। संकाय की ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया गया। प्रस्तुत व संचालन संस्कृत साहित्य विभागाध्यक्ष प्रो. कौशलेन्द्र मिश्र ने किया। प्रो. मिश्र ने बताया कि किसी समय शतावधानी विद्वान भी हुआ करते थे, जो एक ही समय में सौ लोगों के प्रश्नों का समाधान करने में निपुण थे। समय के साथ अब यह कला विलुप्त होती जा रही है और देश में अष्टावधान क्रिया करने वाले भी बहुत कम बचे हैं।

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