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सात फीसदी कोटे पर अथॉरिटी ने भरी हामी

सात फीसदी आबादी कोटे की मांग पर यमुना अथॉरिटी ने हामी भर दी है। लेकिन इसका लाभ लेने वाले किसानों को फिलहाल यमुना अथॉरिटी द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।

विवादास्पद सात फीसदी आबादी कोटे की मांग को लेकर बुधवार को किसानों की यमुना अथॉरिटी के साथ करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में अथॉरिटी इस पर तैयार हो गई है। लेकिन इसके लिए समिति की रिपोर्ट आने तक किसानों को धैर्य बनाए रखने को कहा गया। 

यमुना अथॉरिटी के सीईओ ललित श्रीवास्तव के अनुसार किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए एसीईओ वाई के बहल की अध्यक्षता में गठित समिति जिला प्रशासन के साथ मिलकर यह तय करेगी कि किस गांव की कितनी जमीन अधिगृहीत हुई और कितनी होनी है। सीईओ के अनुसार इसके लिए क्षेत्र के एसडीएम सप्ताह में दो बार अनिवार्य तौर पर आबादी का परीक्षण करेंगे।

भारतीय किसान यूनियन के महासचिव श्योराज सिंह के अनुसार बैठक में लिए गए निर्णय से किसान खुश हैं। बैठक में किसानों के दो प्रस्तावों को मंजूरी के लिए शासन को भेजने पर अथॉरिटी तैयार हो गई। किसानों की मांग पर अथॉरिटी दनकौर में 150 बिस्तरों वाले अस्पताल और दनकौर बाईपास की सड़क को पक्का कराने पर तैयार हो गई। एक से दो किलोमीटर तक कच्चे बाईपास रोड को पक्का करने की जबावदेही जेपी कंपनी को सौंपी गई है।

किसानों ने बैठक में दनकौर अट्टा से मंझवली निकलने वाली सड़क को निर्माणाधीन फार्मूला ट्रैक से घुमाकर निकालने का विरोध किया। इस पर अथॉरिटी ने उन्हें इसकी जगह फ्लाईओवर व अंडरपास बनाने का भरोसा दिलाया। बैठक में डीएम दीपक अग्रवाल, एसीईओ वाई के बहल, डीसीईओ आर के सिंह सहित किसानों के 25 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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