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पार्टी में अब मैं हनुमान से रावण हो गया : जसवंत

पार्टी में अब मैं  हनुमान से रावण हो गया : जसवंत

भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने बेहद ही भावुक होकर इसे पार्टी का गलत फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि एक किताब लिखने के कारण मुझे पार्टी से निकाला गया।

शिमला में एक प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से उन्होंने यह भी कहा कि अगर नेताओं के लिखने-पढ़ने पर इस तरह से पाबंदी लगाई जाएगी तो यह देश के लिए अहितकर होगा। उन्होंने इस बात को भी दुख जताया कि उनको पार्टी से निकालने के लिए औपचारिकता भी पूरी नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि अगर मुझे टेलीफोन पर न कहके मुझसे व्यक्तिगत अगर कहा जाता तो अच्छा रहता। मैं भाजपा के बनने के दिन से इसका सदस्य हूं और पार्टी की यथाशक्ति इन तीस वर्षों में सेवा की है, लेकिन मुझे इस तरह पार्टी से जाना पड़ेगा यह सोचा नहीं था। उन्होंने पार्टी का आभार भी जताया कि उसने समय-समय पर अहम काम सौंपे।

उन्होंने उस वक्त छपे एक कार्टून के बारे में भी बताया कि जो एनडीए की सरकार के समय छपा था, जिसमें उन्हें पार्टी का हनुमान बताया गया था। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि मैं क्या हनुमान से रावण हो गया।

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