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परमाणु संयंत्रों में एफडीआई नहीं : काकोदकर

परमाणु संयंत्रों में एफडीआई नहीं : काकोदकर

भारत के परमाणु ऊर्जा प्रमुख डॉ़ अनिल काकोदकर ने परमाणु संयंत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की संभावना से इनकार किया है, लेकिन कहा कि परमाणु उपकरणों के विनिर्माण तथा निर्माण कार्य में निजी क्षेत्रों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि 34 साल से चले आ रहे परमाणु एकाकीपन से भारत के बाहर आने पर क्या इस संबंध में इस तरह की कोई योजना है परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष काकोदकर ने कहा कि भारतीय परमाणु संयंत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की कोई योजना नहीं है।

काकोदकर की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब आर्थिक सर्वेक्षण परमाणु ऊर्जा उत्पादन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी व्यापक निजी भागीदारी के लिए पिच तैयार कर रहा है। सर्वेक्षण में परमाणु संयंत्रों में 49 प्रतिशत तक एफडीआई को अनुमति देने तथा परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन का आह्वान किया गया है, ताकि इस क्षेत्र में निजी कंपनियों को इजाजत मिल सके।

परमाणु व्यापार के प्रति समर्पित पोर्टल एशियन न्यूक्लियर एनर्जी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि थोरियम आधारित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का डिजाइन स्वतंत्र रूप से तैयार करने की भारत की क्षमता उसे भविष्य में इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रौद्योगिकी स्तर पर वैश्विक रूप से अग्रण बनाएगी।

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