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वेबसाइट बनाने में रुचि नहीं दिखा रहे कालेज

सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में शासन के कई बार निर्देश के बावजूद कालेज अपनी वेबसाइट बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। दरअसल, अधिकांश कालेजों में ऐसे शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, जिन्हें कम्प्यूटर आपरेशन की सामान्य समझ हो। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से सम्बद्ध लगभग 50 कालेजों ने ही अपनी वेबसाइट तैयार की है, जबकि कालेजों की कुल संख्या 214 है।

दूसरी ओर, सोमवार को हुई कुलसचिवों की बैठक में शासन ने सख्त निर्देश दिया है कि एक हफ्ते में कालेजों की वेबसाइट का विवरण शासन को भेज दिया जाए। इतना ही नहीं, शासन ने प्रत्येक कालेज से ‘आईटी सैवी’ शिक्षकों की एक सूची भी मांगी है। प्रत्येक कालेज से कम से कम एक शिक्षक का नाम मांगा गया है। जानकारी के मुताबिक अभी तक सिर्फ 6 कालेजों ने ही ऐसे शिक्षकों की सूची भेजी है।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरी नहीं है कि शिक्षक कम्प्यूटर विषय के हों। शिक्षक किसी भी विषय के हो सकते हैं, बस उन्हें कम्प्यूटर के बारे में जानकारी होनी चाहिए। वेबसाइट में कालेज के सभी विवरण दर्ज होने चाहिए। अनुदानित, राजकीय और स्ववित्तपोषित सभी कालेजों के लिए वेबसाइट बनाना अनिवार्य है। कुलसचिव इंदुपति झा ने बताया कि विद्यापीठ प्रशासन ऐसे कालेजों को फिर से निर्देश भेजने की तैयारी कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के ऑनलाइन एजुकेशन के प्रोजेक्ट के तहत सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों को वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों को इंटरनेट कनेक्शन भी दिया जाएगा।

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