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गिरी दीवार से 11 की मौत को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की तैयारी

बारिश में ढही दीवार को जांच किए बगैर ही 11 लोगों की जान लेने वाले विशनपुरा हादसे की रिपोर्ट तैयार हो रही है। पुलिस ने दीवार के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री बालू-सीमेंट आदि की जांच किए बगैर अपनी जांच रिपोर्ट सौंप भी दी है। 27 जुलाई को सेक्टर 58 कोतवाली के विशनपुरा गांव में रसूखदार कांग्रेसी नेता रघुराज सिंह के निर्माणाधीन कोठी परिसर की दीवार गिरने से हुई मौत की जांच का यह हाल है।

रसूखदार नेता के साथ ही अथॉरिटी व प्रशासन की गरदन बचाने के लिए दीवार गिरने को ‘प्राकृतिक आपदा’ की श्रेणी में डाल दिया गया है। 11 लोगों को जिंदा दफन करने वाले इस हादसे के 22 दिनों बाद जांच-दर-जांच का निष्कर्ष यही सामने आया है। पुलिस ने जांच रिपोर्ट में इस हादसे को ‘प्राकृतिक’ घोषित किया है, जिसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है तो सिटी मजिस्ट्रेट की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक हो चुकी जांच में सिटी मजिस्ट्रेट भी इस घटना को प्राकृतिक आपदा के रास्ते ले जा रहे हैं।

दूसरी तरफ फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार बारिश को नहीं झेल सकी, दीवार में इस्तेमाल सीमेंट-बालू की भी जांच की जानी चाहिए थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस के टिकट पर दादरी विधानसभा से दो बार किस्मत आजमा चुके रघुराज सिंह की इस लंबी-ऊंची दीवार में मोटाई का ख्याल भी नहीं रखा गया था।

आसपास के लोगों का भी कहना है कि विशेषज्ञों को बुलाकर दीवार में इस्तेमाल सीमेंट-बालू की जांच की जाती तो साफ हो जाता कि घटिया क्वालिटी की रेत और बहुत कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग होने के कारण दीवार काफी कमजोर थी। गांव का मामला बता शुरू में ही अथॉरिटी के पल्ला झाड़ लेने के बाद पुलिस और प्रशासन के रवैए से लोग नाउम्मीद हो चुके हैं।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों सेक्टर-58 निवासी रामकिशुन, सेक्टर-57 में रहने वाले मो. सकीलुज्जमा, आतिफ इरशाद आदि ने कहा कि घटना के अगले दिन ही पुलिस-प्रशासन के रुख से स्पष्ट हो गया था कि दोषियों को बचा लिया जाएगा।

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  • Web Title:खूनी दीवार को जांचे बगैर रिपोर्ट तैयार