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इंदिरा आवास के लिए ईंट बनी आफत

राज्य में इंदिरा आवास के निर्माण में ईंट आफत बनी हुई है। चौतरफा विकास में निर्माण सामग्री की बढ़ती मांग के कारण इंदिरा आवास के लाभार्थियों को अब ईंट मिलने में परेशानी हो रही है। राज्य में वर्ष 2009-10 में 13 लाख 6 0 हजार 457 आवासों के निर्माण का लक्ष्य है। इन आवासों के निर्माण में लगभग 7 अरब ईंट और 3 करोड़ 50 लाख 12 हजार 427 बोरी सीमेंट की जरूरत है।

एक आवास के निर्माण के लिए करीब सवा पांच हजार ईंट की आवश्यकता होती है। पर, ईंट नहीं मिल रही। विभाग का मानना है कि नरेगा की योजनाओं, अन्य विकास कार्य और निजी निर्माण में भी ईंट की मांग हो रही है। इसके कारण ईंट मिलने में कठिनाई हो रही है।

राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के अनुसार इस वर्ष के निर्धारित लक्ष्य पर 47 अरब 61 करोड़ 59 लाख 95 हजार रुपए खर्च होंगे।  उनका दावा है कि निर्धारित लक्ष्य में से 50.85 प्रतिशत वित्तीय लक्ष्य को जुलाई 2009 तक हासिल कर लिया गया है। पर भौतिक लक्ष्य में अभी तक 22.69 प्रतिशत उपलब्धि ही हासिल हो पायी है। मंत्री के अनुसार भौतिक लक्ष्य की प्राप्ति में ईंट की कमी एक बड़ी समस्या है।

इसको देखते हुए विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानीय स्तर पर भट्ठा में निर्मित ईंट का भी इस्तेमाल करें। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष इंदिरा आवास के जिन लाभार्थियों को आवास आवंटित होना है उन्हें बीडीओ द्वारा पत्र लिखकर सूचित किया जाएगा।

स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर यह प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार को चाहे जो कदम उठाना पड़े इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इंदिरा आवास के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

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