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स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर खुले में एसेंबली बंद

स्वाइन फ्लू के मद्देनजर स्कूल संचालकों ने स्वास्थ्य मंत्रालय के गाइड लाइन पर अमल करना शुरु कर दिया है। इस पर अमल करते हुए मंगलवार को कई निजी स्कूलों में एसेंबली नहीं कराई गई। इसकी जगह क्लास रुम में ही प्रार्थना कराई गयी। एक स्कूल ने सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित अपने बच्चों में डिस्पोजेबल मॉस्क बांटे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों में स्वाइन फ्लू के विस्तार को देखते हुए सभी स्कूलों के खुले में एसेंबली करने से परहेज करने को कहा है। इसके अलावा क्लॉस में बच्चों के पास जाकर पूछताछ करने की हिदायत दी गई है। इस पर अमल करते हुए शहर के कई स्कूलों मंगलावार से खुले मैदान में एसेंबली करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसकी जगह क्लास रुम में प्रार्थना कराई जा रही है।

कई स्कूलों ने सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के लिए अलग से कैंप बनाया है। जिसमें नर्स तैनात की गई हैं। बच्चों के केस हिस्ट्री के आधार पर उन्हें बादशाह खान अस्पताल रेफर की व्यवस्था की गई है। सेक्टर 15 ए के विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल के प्राचार्य आनंद गुप्ता कहते हैं कि स्वाइन फ्लू की रोक थाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधक अपने स्तर से इसका ख्याल रख रहा है। बच्चों को मॉस्क बांटे गए हैं। बच्चें में सर्दी, बुखर के लक्षण पाए जाने पर उन्हें अवकाश पर भेज दिया जा रहा है।

एनआइटी पांच के सेंट जौसेफ स्कूल की प्राचार्या सुमन कहती है कि क्लास रुम में प्रार्थना कराने की व्यवस्था करा दी गई है। जबकि दयानंद स्कूल की प्राचार्या नीलमा का कहना है कि स्कूल में एक्जाम होने के कारण फिलहाल एसेंबली कैन्सिल है। छात्रों को जागरुक करने के लिए बीमारी के बारे में बताया जा रहा है।

हरियाणा प्रोग्रेसिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान एसएस गोसाई का भी कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग से गाइड लाइन नहीं मिलने पर इधर-उधर से इस विषय में जानकारी इक्ठ्ठा कर बच्चों को जागरुक किया जा रहा है।

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