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अपना घूरा, उसके घर

‘बारह बरस बाद घूरे के दिन भी बहुरते हैं’ लादेन ने अपने मुंह का पान की सुपारी दांत तले कुटक कर कहा। अल्लाह के खेल निराले हैं। कभी भी तख्त से तख्ता या तख्ते से तख्त कर सकता है। मुझे ही ले लो। 50 साल पहले यहां अमीनाबाद में, गले में ट्रे डालकर, आठ-आठ आने में फाउंटेन पेन और रोशनाई की छोटी शीशी बेचा करै था। बच्चे पल गए। वक्त ने पलटी खाई। आज अल्लाह के फजल से बेटे की काफी बड़ी स्टेशनरी की दुकान है। अच्छी आमदनी। घर में सब कुछ है। टीवी, फ्रिज, स्कूटर और बीवी कने वह बात करने वाला तमंचा जिसे मोबाइल कहते हो। ऊपर वाले की रहमत से घूरे के दिन बहुर गए।

‘अब सुना कि घूरा उल्टा कैसे पलटता है और तख्त से तख्ता कैसे होता है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ। या खुदा, क्या जलवे थे। सींक खड़ी करके रखी। इमरजेंसी लागू की, जजों को बर्खास्त कर डाला। लाल मस्जिद पर फायरिंग में सैकड़ों मरे..हिन्दुस्तान में आतंकवादियों के झुंड पर अंकुश न लगा कर तबाही मचा दी। अपनी पावर का पूरा पहाड़ इस्तेमाल कर डाला। और अब..तख्ता। और अब उन्हें देशबदर (निष्कासित) करके ब्रिटेन भेजे जाने की बात पक्की हो रही है। वहीं रह कर अंडा-पराठा खाओ। अंदेशा है कि उनके पाकिस्तान में रहने से देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। वहीं जा कर बसो। यानी अपना घूरा उसके घर सऊदी अरब भी शरण दे सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर पूर्व सैनिक शासक अनुरोध करें तो उन्हें सऊदी अरब में रखने के बारे में सोचा जा सकता है कि यहीं डेरा डाल लो। इसे ही कहते हैं राजनीतिक छीछालेदर।’ मुंह से पान का बकाया एक और उछाल कर लादेन बोले ‘सुना है शाह जी कि मुशर्रफ आजकल ब्रिटेन में हैं और वहीं पर एक बेहद महंगा फ्लैट खरीदा है। यानी पाकिस्तान छोड़ कर देश निकाले के दौरान अड्डा जमाने का पूरा इंतजाम कर लिया है।’

एक और पान मुंह में दबा कर लादेन बोले- ‘भाई मियां, पाकिस्तान में देश निकाले की परम्परा जोरों से पनप रही है। बेचारी मरहूमा बेनजीर भुट्टो ताउम्र पाकिस्तान से बाहर भटकती रही। जब लौटीं तो अल्लाह को प्यारी कर दी गई। नवाज शरीफ साहब को मुशर्रफ ने देश निकाला दिया और शरीफ मियां को सऊदी अरब में पनाह लेनी पड़ी। अब बारी तानाशाह मुशर्रफ की है। ब्रिटेन या सऊदी अरब। मुङो तो भय्ये अशोक अंजुम का शेर याद आता है- ‘खड़े हो तुम बुलंदी पर तो मत इतराइए ‘अंजुम’..समय की एक जरा सी ठेस भी रुतबा बदलती है।’ चलता हूं मियां..।

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