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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

पूरी दुनिया में आने वाले समय में प्रयोग करने लायक पानी की उपलब्धता को लेकर बहस चल रही है। ऐसे में एसटीपी की उपयोगिता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। हमारे घरों और बड़ी फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी कहां जाता है? ये पानी हमारे घरों और फैक्ट्रियों से बहकर किसी नदी, तालाब में पहुंचता है और उनको दूषित कर देता है। इसको रोकने और दूषित जल को पुन: प्रयोग में लाने के लिए एसटीपी का प्रयोग किया जाता है। 

क्या है एसटीपी
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी और घर में प्रयोग किये गये जल के दूषणकारी अवयवों को विशेष विधि से साफ किया जाता है। इसको साफ करने के लिए भौतिक, रासायनिक और जैविक विधि का प्रयोग किया जाता है। इसके माध्यम से दूषित पानी को दोबारा प्रयोग में लाने लायक बनाया जाता है और इससे निकलने वाली गंदगी का इस प्रकार शोधन किया जाता है कि उसका उपयोग वातावरण के सहायक के रूप में किया जा सके ।

कैसे काम करता है
एसटीपी को ऐसी जगह बनाया जाता है जहां विभिन्न स्थानों से दूषित जल वहां लाया जा सके। घरों और फैक्ट्रियों के दूषित जल को साफ करने की प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होती है जिसके तहत पहले, ठोस पदार्थ को उससे अलग किया जता है, फिर जैविक पदार्थ को एक ठोस समूह एवं वातावरण के अनुकूल बनाकर इसका प्रयोग खाद एवं लाभदायक उर्वरक के रूप में किया जाता है। इसके बाद उसे प्रयोग में लाने के लिए नदी, तालाबों आदि में छोड़ दिया जाता है।

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  • Web Title:सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट