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15अगस्त के साथ ही कालोनियों के पास होने की उम्मीद धूमिल

शहर में 140 अवैध कालोनियों के नियमित होने की उम्मीद 15 अगस्त के साथ धूमिल हो गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की। जिसमें अवैध कालोनियों को पास किया गया हो। इससे कालोनी के लाखों लोगों को झटका लगा है। सरकारी जमीन पर बसी अवैध कालोनियों को पास करवाने का प्रस्ताव पारित करवाने के प्रति पार्षदों का उतावलापन इसकी एक वजह बताई जा रही है।

दरअसल, सेक्टर-8 के लोग सरकारी जमीन पर बसे पटेल नगर के नियमित होने के पक्ष में नहीं हैं। नगर निगम सदन की बैठक में इसको पास करवाने के लिए पारित प्रस्ताव के बाद सेक्टर के लोग हाई कोर्ट चले गए। कोर्ट ने सरकारी जमीन पर बसी कालोनी को नियमित करने पर रोक लगा दी। इस फैसले से सरकार को झटका लगा।

पहले पूरी उम्मीद थी कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री अवैध कालोनियों को पास करने की घोषणा कर देंगे। इसके मद्देनजर 24 घंटे के नोटिस पर निगम सचिव ने आठ अगस्त को निगम सदन की बैठक बुलाई थी। जिसमें सर्वे करके निगम ने 70 अवैध कालोनियों को पास करने का प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। संज्ञान में लाए बिना सर्वे करने का आरोप अफसरों पर लगाए।

काफी देर सदन की कार्यवाही बाधित रही। एसी नगर को प्रस्ताव में शामिल न करने पर रेनू भाटिया ने तो बैठक का बहिष्कार करने तक की बात कही। फिर सभी ने अपने वार्ड में बची कालोनियों के नाम प्रस्ताव में जुड़वा दिए। इनमें अधिकांश ऐसी कालोनियां हैं, जो सरकारी जमीन पर बसी हैं। ऐसी करीब 70 कालोनियां हैं। सेक्टर-4, 8 के लोगों को यह नागवार गुजरा। वे हाई कोर्ट चले गए।

निगम सूत्रों का कहना है कि अवैध कालोनियों को पास करवाने का पार्षदों का उतावलापन शहर पर भारी पड़ा। सरकारी जमीन पर बसी कालोनियों का प्रस्ताव पारित करवाकर पार्षदों ने कृषि भूमि पर बसी कालोनियों को झटका दे दिया। 15 अगस्त को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से इन कालोनियों को पास करने की घोषणा करने की उम्मीद थी। जो पूरी नहीं हो सकी।

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  • Web Title:कालोनियों के पास होने की उम्मीद धूमिल