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यूपी का विकास नहीं चाहती मायावती सरकार : राहुल

तीन हजार करोड़ रुपए की लागत वाली जगदीशपुर पेपर मिल परियोजना को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार के बीच चल रही कड़वाहट सोमवार को एक बार फिर खुलकर सतह पर आ गई। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), जगदीशपुर में 367 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार केन्द्रीकृत स्टैम्पिंग यूनिट व नए फैब्रीकेशन प्लांट को सोमवार को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कांग्रेस महासचिव व अमेठी के सांसद राहुल गांधी मायावती सरकार पर जमकर बरसे।

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेपर मिल परियोजना के लिए जमीन नहीं दे रही है। श्री गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास में रोड़े अटका रही है। लोकार्पण समारोह में मौजूद केन्द्र सरकार के दो मंत्रियों विलासराव देशमुख व अरुण यादव ने भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।

मुख्यमंत्री मायावती व बसपा के इस आरोप पर कि कांग्रेस नेतृत्व सिर्फ अमेठी-रायबरेली में विकास करवा रहा है, का जवाब देते हुए राहुल ने कहा कि वह अमेठी के सांसद हैं। इसलिए अमेठी में रोजगार लाएंगे। बिजली भी लाएँगे। लेकिन वे सिर्फ अमेठी ही नहीं पूरे प्रदेश का विकास चाहते हैं। वह चाहते हैं कि राज्य में भरपूर बिजली रहे, लोगों को रोजगार मिले और विकास हो लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है। उन्होनें कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए संकल्पित हैं।

राहुल ने कहा कि जगदीशपुर में पेपर मिल लगाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपए का यह प्रोजेक्ट तैयार रखा है। 25 हजार लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। किसानों को भी फायदा होगा। इसके सारे कागज तैयार हैं। किसान अमेठी-रायबरेली के विकास के लिए जमीन देने को तैयार हैं। केन्द्र सरकार जमीन के लिए पैसा और जमीन देने वाले किसान के घर के एक सदस्य को रोजगार देने को तैयार है मगर यूपी सरकार ने इसे रोक रखा है। वह कहती है कि जमीन नहीं दे सकते हैं। 

गांधी ने कहा कि यूपी में बिजली की खासी समस्या है। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने एटमी करार से बात शुरू की थी। हमने संसद में अपने भाषण में कलावती का नाम लिया और कहा कि बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत गरीबों को होती है। विपक्ष के सांसद ने कहा कि गरीबों को बिजली की नहीं, रोजगार की जरूरत रहती है। हमने कहा कि बिजली मिलेगी तो रोजगार भी मिलेगा। श्री गांधी ने कहा कि रोजगार और बिजली के लिए सबको मिलकर एक साथ लड़ाई लड़नी होगी।

इससे पहले केन्द्रीय भारी उद्योग तथा लोक उद्यम मंत्री विलास राव देशमुख ने कहा कि राहुल गांधी का सपना यहाँ कई नए उद्योग लाने का है लेकिन यह सपने तभी पूरे होंगे जब यहाँ उसी विचारधारा की सरकार हो जैसी केन्द्र में है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 2004 से ही तैयार है। केन्द्र ने इसके लिए राज्य सरकार के पास धन भी जमा करवा दिया था, लेकिन उसने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और जमीन की अनुपलब्धता बताकर पैसा भी वापस कर दिया।

प्रदेश की मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर उन्होंने विनती की है कि हमें जमीन दिलाएँ मगर जमीन नहीं दिलाई जा रही है। अगर राज्य सरकार से कल जमीन मिल जाए तो आठ दिन के अन्दर इस परियोजना का शिलान्यास करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेठी, रायबरेली और सुलतानपुर ने देश को नेतृत्व दिया है। यह संसदीय क्षेत्र पूरे देश का संसदीय क्षेत्र है। हम यहाँ बड़े और छोटे कई उद्योग लाएंगे। केन्द्रीय भारी उद्योग व लोक उद्यम राज्यमंत्री अरुण यादव ने पेपर मिल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार से जो सहयोग मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है।

समारोह में भारी उद्योग विभाग के सचिव डा. सत्य नारायण दास, भेल के सीएमडी रविकुमार, सुलतानपुर के सांसद डा. संजय सिंह व कई विधायक व भारी उद्योग व लोक उद्यम मंत्रालय के अधिकारी और भेल के निदेशक मंडल के सदस्य मौजूद थे।

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