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कॉमनवेल्थ गेम्स तक बाइपास के पूरा होने की उम्मीद कम

कॉमनवेल्थ गेम्स तक बाइपास सड़क का निर्माण पूरा होने की उम्मीद नहीं है। इस मार्ग के निर्माण में अभी बिजली के खंभे अड़चन बने हुए हैं। जिन्हें शिफ्ट करने में कम से कम तीन महीने का समय लगेगा। संभावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए सड़क किनारे झुग्गियों का हटाना अभी संभव नहीं हो पायेगा। नई सरकार के गठन के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में इसका निर्माण अधर में लटक सकता है। हालांकि हुडा अधिकारियों का दावा है कि इसका निर्माणकार्य कॉमनवेल्थ तक पूरा कर लिया जाएगा।

 

नेशनल हाइवे पर बढ़ते वाहनों के दबवा को देखते हुए बाइपास रोड का निर्माण किया जा रहा है। बदरपुर बार्डर से लेकर कैल गांव तक इसकी कुल लम्बाई 26 किलोमीटर है। जिसे सिक्स लेन बनाया जाना है। इसके निर्माण पर 120 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले सरकार को इसका निर्माण कार्य पूरा करना है। लेकिन सड़क किनारे सीवर लाइन, बिजली खंबे और झोपड़-पट्टी इसमें रूकावट बनी हुई है। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की संभावना जताई जा रही है।

इसके चलते सरकार चुनावों से पहले इन्हें हटाने का जोखिम नहीं उठाएगी। फिलहाल 14 किलोमीटर लम्बाई में सिक्स लेन बनाए जाने का काम युद्धस्तर पर चला हुआ है। हुडा के कार्यकारी अभियंता आरके मलिक ने बताया कि सड़क बनाते समय कई टेक्नीकल पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। सड़क किनारे बिछी पानी व सीवरेज की पाइप लाइनों को हटाया जा रहा है, ताकि भविष्य में सड़क को कोई खतरा न रहे। इसके समाधान के लिए हुडा ने बाइपास रोड पर 22 पुलिस बनाने का निर्णय लिया है, ताकि कोई भी पाइप लाइन पुलिया के नीचे से होकर निकाली जा सके। उनका मानना है कि बिजली के खंभे हटते ही इसका निर्माण कार्य और तेज कर दिया जाएगा। उधर, हुडा के एसडीओ इलेक्ट्रिकल अरूण धनखड़ का कहना है कि 65 लाख रुपये की लागत से बिजली खंबे हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इन्हें हटाने में तीन महीने का समय लगेगा। बिजली लाइन शिफ्ट करते वक्त उन्हें बिजली निगम से परमिट लेना पड़ता है।

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