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केन्द्र ने राष्ट्रीय उच्च पथों की निर्माण राशि बढ़ायी


राज्य को राहत, अपनी राशि कम खर्च करेगी नीतीश सरकार
एनएच की बदहाली दूर करने के लिए विशेष प्रबंध की दरकार: मंत्री

 

राष्ट्रीय उच्च पथों के निर्माण में केन्द्र ने राज्य को राहत दी है। केन्द्र की नई यूपीए सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के लिए वार्षिक बजट राशि बढ़ा दी है। अब राज्य सरकार राष्ट्रीय उच्च पथ के निर्माण पर केन्द्र सरकार का 503 करोड़ रुपए खर्च कर सकेगी। पिछले वर्ष यह वार्षिक बजट मात्र 239 करोड़ रुपए था। राज्य सरकार के आग्रह और दबाव के बाद किये गये केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्रलय के इस निर्णय से राज्य सरकार अब राष्ट्रीय उच्च पथों के निर्माण पर अपने बजट से कम राशि खर्च करेगी।

सूबे के पथ निर्माण मंत्री डा. प्रेम कुमार ने इस बढ़ी राशि के लिए केन्द्र सरकार पर आभार तो प्रकट किया है पर यह बताना नहीं भूले हैं कि राष्ट्रीय उच्च पथों की जो स्थिति है उसके लिए भारी राशि की जरूरत है। डा. कुमार ने कहा है कि वार्षिक बजट बढ़ने से राष्ट्रीय उच्च पथों की मरम्मत करने में सुविधा होगी। अब राज्य सरकार अपने बजट से कम राशि खर्च करेगी। पर 2935 किमी. एनएच को फोर लेन बनाने के प्रति केन्द्र सरकार को गंभीर होना होगा।

सूबे से गुजरने वाली कुल राष्ट्रीय उच्च पथ 3734 किमी. में 1282 किमी. की बदहाली को दूर करने के लिए अलग से राशि का प्रबंध करना होगा। इन 1282 किमी. राष्ट्रीय उच्च पथों पर मुश्किल से बैलगाड़ी की रफ्तार से ही गाड़ियां दूरी तय करती हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार को सूबे के राष्ट्रीय उच्च पथों को उसके मानक के अनुरूप बनाने के लिए विशेष प्रबंध करने होगे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने वार्षिक बजट बढ़ा कर यह जताया है कि उनकी प्राथमिकता में बिहार के राष्ट्रीय उच्च पथ भी हैं। वर्ष 2006-07 में राष्ट्रीय उच्चपथ का वार्षिक बजट मात्र 112 करोड़ रुपए था। 2007-08 में 180 करोड़ पर पहुंचा। 2008-09 में 239 करोड़ रुपए हुआ और अब केन्द्र सरकार ने 503 करोड़ रुपए कर दिया है।

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