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इमरजेंसी सेवाओं में स्वाइन फ्लू शामिल नहीं

स्वाइन फ्लू खतरनाक बीमारी नहीं है, स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रशासन के इंतजाम को देखकर तो यहीं लगता है। इस जानलेवा बीमारी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है। दोपहर दो-तीन बजे के बाद संदिग्ध मरीजों के सैम्पल लेने और स्वाइन फ्लू की जानकारी देने का कार्य भी नहीं किया जा रहा है जबकि दिल्ली में इमरजेंसी सेवाओं में शामिल करते हुए 24 घंटे संदिग्ध मरीजों के सैम्पल लेने और जानकारी देने का काम जारी है।

स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रशासन दोनों ही कोताही बरत रहे हैं। इसका अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पारा गिरने के साथ ही एच1एन1 का प्रकोप बढ़ेगा, इस बात को जानते हुए मरीजों को जानकारी देने और सैम्पल लेने का काम दोपहर दो से तीन बजे तक ही सीमित है। सोमवार को संदिग्ध मरीजों के सैम्पल लेने का काम तो शुरू कर दिया जाएगा मगर सैम्पल लेने का समय नहीं बढ़ाया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन लाल मिश्रा ने सैम्पल लेने की प्रक्रिया से हाथ खड़े कर दिए हैं और सैम्पल लेने का काम पूरी तरह से जिला अस्पताल पर छोड़ दिया है। जिला अस्पताल में संदिग्ध मरीजों को इमरजेंसी में नहीं देखा जा रहा है और स्वाइन फ्लू के लिए बनाया गया आइसोलेशन वार्ड खाली पड़ा है। संदिग्ध मरीजों को वार्ड में भर्ती नहीं किया जा रहा है। कुल मिलाकर स्वाइन फ्लू को लेकर खानापूर्ति ही की जा रही है।

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