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अग्नि पथ से निकली कामयाबी की गाथा

अमेरिकी न्याय व्यवस्था में सोनिया सोटोमेयर के साथ एक नये अध्याय की शुरुआत हुई है। सोनिया अमेरिका की हिसपेनिक मूल की पहली महिला होंगी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। सोनिया से पहले भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं को लेकर कोईअच्छी स्थिति नहीं रही है। सोनिया से पहले दो और महिलाएं इस मुकाम तक पहुंची हैं। इस मामले में भारत और अमेरिका में कोई खास अंतर नहीं रहा है। भारत में भी सुप्रीम कोर्ट में अब तक सिर्फ दो महिलाएं ही सुप्रीम कोर्ट की जज बनी हैं। कोई महिला चीफ जस्टिस न तो अभी तक अमेरिका में बनी और न ही भारत में। अमेरिकी न्याय व्यवस्था में ब्रिटिश एंग्लो सैक्सन मूल वालों का ही कब्जा रहा है। सोनिया की नियुक्ति ने इस कब्जे को तोड़ा है। उनकी नियुक्ति में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की अहम भूमिका रही। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति के लिये सीनेट और यूएस कांग्रेस की संयुक्त कमेटी के सवालों से हो कर गुजरना पड़ता है। यहां नियुक्ति से पहले ‘सच का सामना’ करना पड़ता है और उसके सही जवाब देने पड़ते हैं। बिना अमेरिकी राष्ट्रपति के समर्थन के इस तिलिस्म कोतोड़ना किसी के बस की बात नहीं है। इस तिलिस्म को पार कर ही सोनिया इस पद पर पहुंची हैं। सोनिया को सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की गाथा अग्निपथ से हो कर गुजरी है। बचपन में वह जासूस बनना चाहती थीं।

जासूस बनने की प्रेरणा उन्हें बच्चों की कहानियों के जासूसी करेक्टर नैनसी ड्रियू से मिली। लेकिन उनका वह सपना पूरा नहीं हो सका। आठ साल की उम्र में उन्हें डायबिटीज हो गई और उन्हें सलाह दी गई कि वह कोई दूसरा करियर तलाशे। इसके बाद कहानियों के ही एक दूसरे चरित्र पेरी मैसन से वे प्रभावित हुई। मैसन बचाव पक्ष के वकील के तौर पर कथाओं में जासूस की तरह खोजबीन कर अपने मुवक्विल को बचाते हैं। इसी के बाद सोनिया ने वकील बनने का फैसला किया। 25 जून, 1954 में न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में जन्मी सोनिया के माता-पिता दूसरे विश्व युद्ध के समय प्यूरटो रिको से यहां आये थे। सोनिया के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे और उन्हें अंग्रेजी बोलनी नहीं आती थी। जब वह नौ साल की थीं तो पिता की मृत्यु हो गई और मां ने उन्हें और उनके छोटे भाई को जी तोड़ मेहनत कर पाला। सोनिया के अंदर शिक्षा के महत्व का एहसास भी उन्होंने ही भरा। इसीलिये वे अपनी मां को वे अपना मेंटर मानती हैं। सोनिया ने प्रिंसीटोन यूनीवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में येले ला स्कूल से कानून की पढ़ाई की। वे स्कूल के लॉ जर्नल की संपादक भी बनीं। अपनी तीन दशक की न्यायिक यात्रा में सोनिया ने हर स्तर पर काम किया। सोनिया पहली बार जब जिला जज 1992 में बनीं थी तो उनकी नियुक्ति राष्ट्रपित एच. डब्लू. बुश ने की थी। इसके बाद उनकी प्रोन्नति राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने की थी बतौर यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील में जज के तौर पर। बतौर जिला जज उन्होंने 459 से अधिक मुकदमों की सुनवाई की। जज बनने से पहले सोनिया एक प्राइवेट लॉ कंपनी की पार्टनर थीं और सहायक जिला वकील के नाते खतरनाक किस्म के आपराधिक मुकदमों में बहस करती थीं। वे कई यूनीवर्सिटी में विजटिंग फैकल्टी रही हैं। उनके फैसलों के बारे में कहा जाता है कि वह हर पहलू का अध्ययन करने के बाद पूरी निष्पक्षता के साथ निर्णय करती हैं। इस प्रक्रिया में उनके सामने कोई बड़ा छोटा नहीं होता है। कानून की दुनिया के अलावा एक घरेलू और बेहतरीन औरत हैं। उन्हें दूसरों की मदद करना बहुत पसंद है। वे अपनी मां और सास, जो फ्लोरिडा में रहती हैं, की पूरी देखभाल करती हैं। उन्हें यात्रा और अध्ययन का शौक है। फिलवक्त वे न्यूयॉर्क की एक धनाढ्य बस्ती ग्रेनिच विलेज में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

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