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जेबतराशों पर आरपीएफ की टेढ़ी नजर

--सहायक आयुक्त ने संभाला स्टेशन पर मोर्चा
--खास मॉडस अपरेंडी के लोगों की कर रहे तलाश
--गोमती व काशी विश्वनाथ ट्रेन पर कड़ी नजर

ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के चलते जेब तराशों ने सुरक्षा अधिकारियों की नाक में दम किया हुआ है। ट्रेन के स्टेशन छोड़ने के बाद यात्रियों को आभास होता है कि उसकी जेब में रखा पर्स साफ कर दिया गया है। इन जेब तराशों की तलाश के लिए आरपीएफ ने दो खास ट्रेनों को चुना है। दोनों ट्रेनों पर आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त खुद इनकी तलाश में लगे हैं।


आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त एम.एन भार्गव की माने तो गोमती एक्सप्रेस व काशीविश्वनाथ एक्सप्रेस में जेब कटने की कई घटनाओं के समक्ष आ चुकी है। इसके लिए उन्होंने आरपीएफ पोस्ट प्रभारी विनोद ढौडियाल को एक टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। यह टीम एक कास प्रकार की मॉडस अपरेंडी वाले लोगों की तलाश में हैं। भार्गव के मुताबिक जेबतराश थर्ड एसी की बोगी पर हैंडल पकड कर खड़ा हो जाता है। परिवार के साथ चढ़ने वाले यात्री को यह गेट पर चढ़ने में थोड़ी परेशानी पैदा कर देता है। जैसे ही यात्री सब कुछ भूल सबसे उस व्यक्ति को क्रास करके बोगी में चढ़ने का प्रयास करता है उसकी जेब साफ कर दी जाती है। ट्रेन के चलने के बाद जब यात्री सीट पर पहुंचकर जेब देखता है तो उसे स्थिति का आभास होता है।

भार्गव ने बताया कि जिन आरपीएफ के जवानों को इन दोनों ट्रेनों के लिए तैनात किया गया है उन्हे जेबतराशों की काम करने के तरीकों से वाकिफ करा दिया गया है। वह खुद दोनों ट्रेनों के स्टेशन पर पहुंचते ही इस चेकिंग के लिए एसी बोगियों के आसपास पहुंच जाते हैं।

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