DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डाकिया ही सबसे भरोसेमंद

भारतीय डाक मैन्युअल के अनुसार, भारत में डाक सामग्री बेचने तथा डाक वितरण आदि के कार्य भारत सरकार के पास रहेंगे। रेलवे के बाद सरकार की आय का यही सबसे बड़ा स्रोत है। भारत सरकार को अरबों रुपयों की आय होती है और उसने यह कार्य राज्यों को भी नहीं दिया। परंतु कुछ वर्षो से भारत में कूरियर सेवाएं चालू हैं और यह निजी कंपनियां चला रही हैं। उन्होंने डाक विभाग की आय का काफी भाग समेट लिया है। व्यवसायिक स्थानों के पास अपने कार्यालय भी खोल लिए हैं। यह सेवा भारतीय डाक विभाग ने शुरू नहीं की। आए दिन चोर बदमाश अपने आपको कूरियर ब्वॉय बताकर घरों को लूटते रहते हैं। जबकि डाक घर में भी पार्सल की सही जांच होती है। केन्द्रीय सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

ब्रज मोहन, पश्चिम विहार, नई दिल्ली

भारत का विकास
कैसे पता कि भारत का विकास तेजी से हो रहा है? यहां के लोग जो दाल सबसे अधिक खाते हैं यानि अरहर, उसे सबसे कम पैदा करते हैं, यह दाल चुनाव 08 के समय 45-50 बिकी, जो अब 75-80 बिक रही है। गुटखा के ऊपर यह क्यों लिखा होता है कि इसे खाने से कैंसर होता है? मेरा जवाब है कि ताकि कल को कोई ‘नाज’ जैसी स्वयंसेवी संस्था यह न कह सके कि सरकार ‘कैंसर’ की रोकथाम के लिए कुछ कर नहीं रही है। शराब की दुकानें जीटी रोड और बाजार के मुख्य चौराहों पर क्यों होती है? ताकि पुलिस वालों को दिहाड़ी बनाने और लाशें उठाने जंगल में न जाना पड़े।

डॉ. राकेश डबुआ,  फरीदाबाद

डाबर चाचू
ये कैसा मैड एड बना दिया
सृष्टि के पालनहार सूर्यदेव को
सन मोंस्टर बना दिया।
 
वीरेन कल्याणी, शाहदरा, दिल्ली

मुझे भी कुछ कहना है
स्वाइन फ्लू के संदर्भ में जब मैंने समाचार पत्र पढ़ा और (कहां होगी जंच) पैराग्राफ पढ़ा तो 23921401 पर फोन किया। कई बार लगातार डायल करने पर फोन मिला, उठाने पर कह दिया गया फोन काट कर रीडायल कीजिए। फोन काट कर रीडायल करते हुए काफी समय बीता तो फोन उठा और एक महिला अंग्रेजी में बोलीं, फिर हिन्दी में बोल दिया कि 2 मिनट बाद फोन करना। हमने 5 मिनट बाद फोन किया तो फोन ही नहीं मिला। अधिकारियों से प्रार्थना है कृपया हेल्प लाइन के नम्बर पर डील करने वाले सही और जिम्मेदार लोगों को ही कार्य सौंपा जए। सरकारी इंतजाम यही होता है क्या।

गुप्ता दाड़ीवाला, सदर बाजर, दिल्ली

कर्मचारी अब भी गायब
एमसीडी के कर्मचारियों की ड्यूटी से भागने की पुरानी पकी हुई आदत कैसे ठीक हो सकती है? आज नया बायोमैट्रिक सिस्टम भी फेल हो गया है क्योंकि ये मशीन पर अंगूठा लगाकर ठाठ से अपने घर सोते हैं और शाम को फिर पांच बजे जाकर अंगूठा लगा आते हैं। जनहित में इन सबको घर से कम से कम दस किलोमीटर की दूरी पर स्थानान्तरण बेहद जरूरी है।

वेद, नरेला, दिल्ली

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:डाकिया ही सबसे भरोसेमंद