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लाल डोरा के अधीन निर्माणवालों को आवेदन की जरूरत नहीं

--सड़क किनारे निर्माण: आवेदन में नहीं दिखा रखे दिलचस्पी
-निर्माण लगभग 9 हजार, आवेदन सिर्फ  आठ
-आवेदन के लिए 30 दिन शेष

 
नेशनल हाइवे समेत फरीदाबाद की अनुसूचित सड़कों के किनारे लाल डोरा में बने निर्माणवालों को सीएलयू के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं। जिस जमीन का रेवेन्यू रिकार्ड में नंबर अलॉट है, उसके लिए आवेदन करना अनिवार्य है। यह खुलासा डीटीपी इन्फोर्समेंट बिजेंद्र राणा ने किया।


नेशनल हाइवे समेत अन्य अनुसूचित सड़कों के किनारे पिछले दिनों डीटीपी और डीटीपी इन्फोर्समेंट द्वारा सर्वे की गई थी।  इस दौरान निर्माणों की वीडीओग्राफी भी करवाई गई। ऐसे निर्माणों की संख्या 6 हजार से अधिक बताई गई है। इन सभी को 13 सितंबर तक रेवेन्यू रिकार्ड व अन्य दस्तावेजों के साथ डीटीपी कार्यालय में आवेदन जमा कराना था, ताकि सड़क किनारे जमीन रेग्यूलाइज्ड की जा सके।


राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-2 बदरपुर बार्डर से गदपुरी, फरीदाबाद-दनकौर मार्ग (बाया नचौली), बल्लभगढ़-पाली-गुड़गांव मार्ग, पाली-धौज-सोहना व गुड़गांव-फरीदाबाद पर 30 मीटर तक बने निर्माणों की संख्या लगभग साढ़े पांच हजार है। जबकि गदपुरी से होडल बार्डर, हथीन व नूंह रोड समेत अन्य अनूसचित सड़कों पर ऐसे निर्माणों की संख्या 3 हजार से अधिक बताई गई है।


डीटीपी राणा का कहना है कि लाल ड़ोरा वालों को आवेदन करने की कोई जरूरत नहीं है।

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