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गृह मंत्रालय की पैंतरेबाजी पर सांसद को हैरत

जदयू सांसद अली अनवर अंसारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की पैंतरेबाजी से हैरत में हैं। उन्हें ताज्जुब हो रहा है कि विभाग के अधिकारी किस तरह सांसद के सवालों का रिकार्डेड जवाब पेश कर देते हैं। श्री अंसारी ने भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग राज्यसभा में 17 मार्च 2008 को विशेष उल्लेख के दौरान की थी।

उस समय राज्यमंत्री की हैसियत से श्रीप्रकाश जायसवाल ने उन्हें लिखित जवाब दिया था। उसमें कहा गया था कि सीताकांत महापात्र की अध्यक्षता में गठित समिति आठवीं अनुसूची में शामिल होने लायक भाषाओं का अध्ययन कर रही है। समिति ने अपनी सिफारिशें दे दी है।

जदयू सांसद ने यही सवाल इस साल जुलाई के सत्र में भी किया। ताज्जुब की बात यह है कि गृह मंत्रालय ने पहले वाला पत्र ही भेज दिया। फर्क सिर्फ इतना कि उसमें श्रीप्रकाश जायसवाल के बदले नए गृह राज्यमंत्री अजय माकन का दस्तखत था।

अंसारी ने दोनों पत्रों को संलग्न कर एक पत्र अजय माकन के नाम लिखा है। उन्होंने कहा कि साल पर पहले सीताकांत महापात्र की अध्यक्षता में गठित समिति ने रिपोर्ट पेश कर दी है तो इसे लागू करने में क्या परेशानी है। भोजपुरी के साथ आखिर कब तक अन्याय होता रहेगा।

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  • Web Title:मंत्री बदल गए पर जवाब नहीं बदला