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26/11 हमला: चीन में बने थे इस्तेमाल फोन

26/11 हमला: चीन में बने थे इस्तेमाल फोन

मुंबई हमलों के तार पाकिस्तान से जुड़े होने का एक और सबूत देते हुए मामले के एक गवाह ने विशेष अदालत से कहा कि हमलावर आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किये गए पांच मोबाइल फोन चीन में नोकिया कंपनी ने बनाए थे, जिन्हें जून 2008 में पाकिस्तान भेजा गया था।

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा गवाह के तौर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विशेष अदालत के समक्ष लाई गई नोकिया की अमेरिका में तैनात इनफोर्समेंट मैनेजर ने अदालत में यह बात कही।

गौरतलब है कि मुंबई में हमलों को अंजाम देने के बाद सुरक्षाबलों द्वारा मारे गए नौ आतंकवादियों के पास से पांच मोबाइल फोन बरामद किये गए थे। भारत ने एफबीआई से यह पता लगाने में मदद मांगी थी कि वे फोन कहां से हासिल किये गए थे।

नोकिया की यह इनफोर्समेंट मैनेजर ऐसी तीसरी गवाह है, जिसने इस मामले में पाकिस्तान की संलिप्तता बयान की है। इससे पहले, एफबीआई के फोरेंसिक विशेषज्ञ ने अदालत से कहा था कि आतंकवादियों ने कराची से समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचने के लिये ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया था।

इसके अलावा यामाहा कंपनी से जुड़े एक गवाह ने कहा था कि आतंकवादियों ने मुंबई गोदी में दाखिल होने के लिये जिस नाव का इस्तेमाल किया था उसका आउटबोट इंजन यामाहा ने बनाया था और उसे पाकिस्तान भेजा गया था।

गवाह ने विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम से कहा कि मुझे विश्वास है कि वे फोन चीन से पाकिस्तान भेजे गए थे। यह पूछे जाने पर कि उसने इन मोबाइल फोन की पहचान कैसे की, गवाह ने कहा कि मोबाइल फोन पर खुदे इंटरनेशनल मोबाइल एक्विपमेंट आइडेंटीफिकेशन (आईएमईआई) नंबर से उनकी पहचान की गई है।

गवाह ने कहा यह मोबाइल फोन की पहचान का नंबर है, जो नोकिया के हर फोन को दिया जाता है। इस सिलसिले में उसके द्वारा एफबीआई को लिखा गया पत्र दिखाने पर उसने यह कहते हुए उसकी पहचान की कि वह खत उसके हस्ताक्षर से जारी किया गया था।

इन मोबाइल फोन के बारे में जानकारी मिलने के स्रोत के बारे में पूछे जाने पर गवाह ने कहा कि उसे यह सूचना कंपनी के डाटाबेस से मिली थी। इस डाटाबेस को कंपनी के नियमित कार्य के रूप में अपडेट किया जाता है।
विशेष न्यायाधीश एमएल टाहिलियानी द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में गवाह ने कहा कि उस डाटाबेस को दुनिया में नोकिया के किसी भी कार्यालय में देखा जा सकता है, बशर्ते कंपनी ने इसके लिये संबंधित व्यक्ति को पासवर्ड मुहैया कराया हो।

हमलों के मुख्य अभियुक्त अजमल आमिर कसाब गवाही को ध्यान से सुन रहा था और गवाह द्वारा पाकिस्तान का नाम लिये जाने पर उसे मुस्कुराते हुए भी देखा गया।
 गवाह ने बचाव पक्ष के वकील अब्बास काजमी से कहा कि उसे नोकिया कंपनी की तरफ से गवाही देने के लिये अधिकृत किया गया है, लेकिन उसके पास इस सिलसिले में कोई आधिकारिक पत्र नहीं है।

अपनी पहचान का सबूत दिखाने के बारे में कहे जाने पर उसने नोकिया कंपनी का पहचानपत्र दिखाते हुए कहा इस आई कार्ड को छोड़कर मेरे पास खुद को नोकिया की प्रतिनिधि बताने का कोई और दस्तावेजी सबूत नहीं है। गवाह ने अब्बास की उस बात को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह नोकिया की अधिकृत प्रतिनिधि नहीं है और एफबीआई के कहे मुताबिक गलत गवाही दे रही है।

इससे पहले, एफबीआई ने मुंबई पुलिस को बताया कि आतंकवादियों के पास से बरामद किये गए मोबाइल फोन पाकिस्तान में नोकिया के डीलरों यूनाइटेड मोबाइल और टवेल्व पाकिस्तान प्राइवेट लिमिटेड को जहाज से भेजे गए थे।

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