DA Image
23 फरवरी, 2020|6:12|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बवासीर से बचाव

बवासीर बेहद तकलीफदेह रोग है। हरेक उपचार विधि में इसका निवारण मौजूद है, लेकिन यहां प्रस्तुत हैं देसी विधि से इसके उपचार के कुछ कारगर तरीके।

- हरड़ अथवा छोटी हरड़ के 2 से 5 ग्राम चूर्ण का नित्य सेवन करने तथा अरंडी का तेल लगाते रहने से लाभ होता है।

- बड़ी इंद्रफला की जड़ को सुखाकर या कनेर की जड़ को पानी में घिसकर बवासीर पर लगाने से लाभ होता है।

- नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और चार-पांच बूंदें रोज पीने से लाभ होता है।

- सूरन (जिमिकंद) को उबाल और सुखाकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण 32 तोला, चित्रक 16 तोला, सोंठ 4 तोला, काली मिर्च 2 तोला, गुड़ 108 तोला को मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। इसे सूरनवटक कहते हैं। ऐसी तीन-तीन गोलियां सुबह-शाम खाने से लाभ होता है।

- करीब दो लीटर ताजी छाछ लेकर उसमें 50 ग्राम जीरा पीसकर उसमें थोड़ा-सा नमक मिला लें। जब प्यास लगे तब पानी की जगह पर छाछ पी लें। पूरे दिन ऐसा ही करें। चार दिन तक यह प्रयोग करें। मस्से ठीक हो जाएंगे। चार दिन के बजाय सात दिन प्रयोग जारी रखें, तो अच्छा है।

- छाछ में सोंठ का चूर्ण, सेंधा नमक, पिसा जीरा व जरा सा हींग डालकर सेवन करने से बवासीर में लाभ होता है।

खूनी बवासीर
- जीरे का लेप करने से और 2 से 5 ग्राम उतने ही घी-शक्कर के साथ खाने से या गर्म आहार का सेवन बंद करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
- बड़ के दूध के सेवन से रक्तप्रदर व खूनी बवासीर का रक्तस्राव बंद होता है।
- अनार के छिलके का चूर्ण नागकेशर के साथ मिलाकर देने से रक्तस्राव बंद होता है।

(उपयरुक्त प्रयोग करने से पूर्व डॉक्टर की राय लें)

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:बवासीर से बचाव