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कांग्रेस को बसपा की सलाह, मायावती की किताब पढ़े, कहा-दलित प्रेम के नाम पर नाटकबाजी कर रही पार्टी

बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर कांग्रेस नेताओं के ‘दलित प्रेम’ को राजनीतिक नाटकबाजी करार देते हुए कहा है कि बेहतर होगा कि कांग्रेस नेता बसपा मुखिया और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के बारे में कुछ बोलने से पहले उनके जीवन संघर्ष के बारे में तथ्यात्मक जानकारी कर लें। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी नेता सत्ता की होड़ में झूठा दलित प्रेम दिखा रहे हैं जबकि बसपा मुखिया का तो पूरा जीवन ही दलित उत्थान में बीता है।

पार्टी ने गुरूवार को यहाँ जारी बयान में कहा है कि मायावती ने सत्ता में आने से पहले 1977 से 1994 तक इतने वर्ष दलित बस्तियों में ही गुजारे हैं। बामसेफ, डी एस 4 व बीएसपी मूवमेंट के माध्यम से उन्होंने दलितों व पिछड़े वर्गों के दयनीय हालात को नजदीक से देखा। इसलिए दलित उन्हें अपने आत्मसम्मान का प्रतीक मानता है। बसपा ने कांग्रेस को सलाह दी है कि दलितों व अन्य पिछड़े वर्गों के मामलों पर मायावती पर टिप्पणी करने से पहले वह उनके जीवन संघर्ष पर लिखित पुस्तक ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ अवश्य पढ़ ले।

इस पुस्तक से कांग्रेसी नेताओं को पता चल जाएगा कि मायावती ने इन वर्गों के लिए कितना त्याग किया है। भविष्य में उन पर कोई टीका-टिप्पणी करने से पहले इन वर्गों के लोगों के हित और कल्याण के सम्बंध में उनके संघषों व कुर्बानियों के बारे में सही जानकारी कर लेनी चाहिए। बसपा ने कटाक्ष किया है कि डा. अंबेडकर को लोकसभा में चुनकर न जाने देने व कांशीराम जी की मृत्यु पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित न करने वाली कांग्रेस के लोगों का दलितों के घरों में जाना व भोजन करना, ठहरना महज राजनीतिक नाटकबाजी नहीं तो और क्या है।

कांग्रेस नेताओं का दलितों के घरों में जाकर उनकी बदहाली पर घड़ियाली आंसू बहाना कोई नई बात नहीं है। यह प्रक्रिया आजादी के पहले भी जारी थी और आजादी के 62 वर्ष बाद आज भी जारी है जबकि इन वर्गों के लोगों की गरीबी व बदहाल जिन्दगी के लिए वास्तविक व असली जिम्मेदार भी कांग्रेस ही है।

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  • Web Title:कांग्रेस को बसपा की सलाह, मायावती की किताब पढ़े