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जमाखोरी और विधि व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया

राजद ने जमाखोरी और विधि-व्यवस्था के सवाल पर राज्य सरकार को तो कठघरे में खड़ा किया ही उसने केन्द्र के खिलाफ भी बिगुल फूंक दिया। महंगाई के लिए केन्द्र को जिम्मेवार ठहराते हुए पार्टी ने साफ कर दिया कि अगर इसपर अंकुश नहीं लगा तो राजद कार्यकर्ता तो चुप नहीं ही बैठेंगे, अन्य दलों को भी इस मुद्दे पर साथ लेकर सड़क पर उतरेंगे। केन्द्र के खिलाफ उसने सर्वदलीय आंदोलन की भी आवश्यकता जताई। पार्टी ने पहली बार यह नारा दिया कि ‘जबसे कांग्रेस आई है, कमरतोड़ महंगाई है’, ‘रोको महंगाई बांधो दाम, नहीं तो होगा चक्का जाम’।

प्रधान महासचिव राम कृपाल यादव और प्रदेश प्रवक्ता शकील अहमद खां ने कहा कि सूखे से परेशान बिहार की जनता के लिए महंगाई कोढ़ में खाज की तरह है। बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यह कहकर जले पर नमक छिड़क रहे हैं कि महंगाई और बढ़ेगी। वे राज्य सरकार पर आरोप लगाते हैं तो राज्य सरकार इसका ठीकरा केन्द्र के सिर पर फोड़ती है। सरकारों की फेंकाफेंकी में राजद जनता को पिसने नहीं देगा। महंगाई रोकना केन्द्र की जिम्मेवारी है और जमाखोरों पर कार्रवाई करना राज्य सरकार की।

दोनों ही अपने काम में विफल रहे हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति सूखा को लेकर है। राज्य सरकार अबतक केन्द्र के पास मेमोरेन्डम ही नहीं भेज सकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुला लिया और उसमें की गई मांगों को भूल गये। आज भी हमारी यही मांग है कि प्रदेश अकाल क्षेत्र घोषित हो, गरीबों को दो रुपये में भोजन मिले और किसानों को क्षतिपूर्ति मिले। उन्होंने कहा कि राजद केन्द्र पर भी दबाव बनाने के लिए हर कदम उठाने को तैयार है। जनहित और बिहार की उपेक्षा के मुद्दे पर हम राजनीति करने के हिमायती नहीं हैं। इन मुद्दों पर एकजुट होकर आंदोलन करना होगा।

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  • Web Title:महंगाई पर राजद ने केन्द्र के खिलाफ फूंका बिगुल