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सूखाग्रस्त जिलों में चलंत अस्पताल

सूखाग्रस्त सभी जिलों में सरकार ने चलंत अस्पताल चलाने का निर्णय किया है। डाक्टर, पारा मेडिकल स्टॉफ, नर्स, दवाएं, पैथोलॉजिकल एवं रेडियोलॉजिकल जांच आवश्यक सुविधाओं युक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट इन जिलों में दौड़ेंगे। यह यूनिट (बड़ी गाड़ी) दूरदराज के  क्षेत्रों में जाकर मरीजों की जांच करेगी।

आवश्यकता पड़ने पर अत्याधुनिक एम्बुलेंस की तरह गंभीर मरीजों को पटना रेफर करने में भी इनका उपयोग होगा। पिछले महीने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई और बेगूसराय जिले में इसकी तैनाती हुई थी। प्रदेश में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने आपात व्यवस्था करते हुए सूखाग्रस्त सभी 26 जिलों में इसे एक पखवाड़े के अन्दर तैनात करने की योजना बनायी है।
  
स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि सूखाग्रस्त 21 जिलों पटना, नालन्दा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधेपुरा, किशनगंज, कटिहार और वैशाली में मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती का निर्णय किया गया है। सूखाग्रस्त पांच जिले जमुई, भागलपुर, बांका, मुंगेर और बेगूसराय में पहले से ही ये यूनिट काम कर रहे हैं। पहले चरण में श्रावणी मेला से जुड़े जिलों में इस यूनिट को तैनात किया गया था।

सरकार की योजना अगले दो महीने में इसे सभी जिलों में तैनात करने की है। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त सभी 26 जिलों में महामारी की आशंका को देखते हुए और कई तरह के कदम उठाये गये हैं। अस्थायी अस्पताल चलाने और मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्रखंड स्वास्थ्य केन्द्रों तक के डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया गया है।

सिविल सर्जनों ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम और सिविल सर्जन दोनों को प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में सुखाड़ से उत्पन्न बीमारियों से बचाव और उपचार के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया है।

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